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शाहजहांपुर जिले में सोने-चांदी में खोट ने उड़ाए लोगों के होश, बढ़े भावों के बीच खुला बाज़ार का सच

ByTen News One Desk

Oct 17, 2025
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शाहजहांपुर जिले में सोने-चांदी में खोट ने उड़ाए लोगों के होश, बढ़े भावों के बीच खुला बाज़ार का सच



आधा खरा निकला धातु, गारंटी देने वाले ज्वेलर्स भी कटघरे में


टेन न्यूज।। 17 अक्टूबर 2025 ।। डीपी सिंह@डेस्क न्यूज, शाहजहांपुर


सोना-चांदी के दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी के बीच जब लोगों ने अपनी पुरानी ज्वेलरी बेचने की ठानी, तो हकीकत ने सबको चौंका दिया। शहर के कई सर्राफा बाजारों में जांच के दौरान भारी संख्या में ऐसे गहने और बर्तन सामने आ रहे हैं जिनकी खालिसियत महज़ 50 से 65 प्रतिशत तक ही निकल रही है।

जानकारी के अनुसार, बीते कुछ दिनों में सोने और चांदी के दामों में लगातार उछाल आया है। इस दौरान कई लोग पुराने गहने, सिक्के और चांदी के बर्तन लेकर दुकानों पर पहुंचे। सूत्रो के अनुसार बताया गया कि जांच में खुलासा हुआ कि जो आभूषण “खरे सोने” या “खालिस चांदी” के नाम पर खरीदे गए थे, उनमें मिलावट का खेल चल रहा था। यह खेल केवल शाहजहांपुर शहर में अकेले नहीं बल्कि शहर के अन्य कस्बों और बाजारों में बखूबी चल रहा है।

सोने की शुद्धता केवल 60–65% तक ही मिली, जबकि चांदी में 50% से भी कम खरेपन की पुष्टि हुई। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि शादियों में गिफ्ट के रूप में दिए गए सिल्वर सिक्के भी अधिकांशत: खोटे निकले।

कई ज्वेलर्स जिन्होंने खरीद के समय “गारंटी” का दावा किया था, अब जवाब देने से बच रहे हैं। कुछ दुकानदारों ने तो यहां तक कह दिया कि “नकद वापसी संभव नहीं, चाहें तो उसी रकम में दूसरी ज्वेलरी खरीद लें।” यानी खरा दाम देकर खोटा माल — और अब फिर वही खेल दोहराया जा रहा है।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इन परिस्थितियों में ब्रांडेड कंपनियों — जैसे तनिष्क और टाटा ग्रुप — की विश्वसनीयता और बढ़ेगी, क्योंकि वहां शुद्धता की गारंटी मानकों के अनुरूप दी जाती है, भले ही मेकिंग चार्ज थोड़ा अधिक हो।

विशेषज्ञों की माने तो धनतेरस और दीवाली के अवसर पर लोग सोने और चांदी के गहने खरीदकर दिवाली का त्यौहार मानने में ज्यादा महत्व देते है ऐसे में उनका ज्यादा पैसा जाने के बाद भी उन्हें शुद्ध आभूषण नहीं मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन और उपभोक्ता विभाग इस मिलावटखोरी के खेल पर कोई सख्त कार्रवाई करेगा या नहीं? यह गर्भ की बात है। सोर्स-सोशल मीडिया

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