शाहजहांपुर में 12,804 विद्यार्थी कमजोर ग्रेड में, प्रधानाचार्यों और खंड शिक्षा अधिकारियों से जवाब तलब

जर्जर स्कूल भवनों को जल्द गिराने के निर्देश, 300 से अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों में लगेंगे सीसीटीवी कैमरे
टेन न्यूज़ !! ०९ अक्टूबर २०२६ !! डीपी सिंह @ डेस्क न्यूज़
शाहजहांपुर। परिषदीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर में सुधार और स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को लेकर जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने बेसिक शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षा बैठक की। बैठक में नेट मॉक टेस्ट में 12,804 विद्यार्थियों के सी, डी और ई ग्रेड में मिलने पर नाराजगी जताई गई। खराब प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और अधिक कमजोर परिणाम वाले विकास क्षेत्रों के खंड शिक्षा अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए गए।
कमजोर प्रदर्शन वाले विद्यालयों से मांगा जवाब
गत माह आयोजित नेट मॉक टेस्ट की समीक्षा में जिले के 12,804 विद्यार्थी सी, डी और ई ग्रेड में पाए गए। जिलाधिकारी ने प्रत्येक विकास क्षेत्र के सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाले पांच विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगने को कहा। वहीं, एक हजार से अधिक विद्यार्थी कमजोर ग्रेड में मिलने वाले कलान, भावलखेड़ा, जलालाबाद और ददरौल के खंड शिक्षा अधिकारियों से भी जवाब तलब किया गया।
उन्होंने विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर में सुधार के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। नेट मॉक टेस्ट में अनुपस्थित विद्यार्थियों की परीक्षा अक्टूबर के अंत तक और जिले के सभी विद्यार्थियों की पुनः परीक्षा नवंबर के अंतिम सप्ताह में कराने को कहा गया।
140 जर्जर विद्यालय भवनों का ध्वस्तीकरण बाकी
जिले में चिह्नित 240 जर्जर विद्यालय भवनों में से अब तक 100 भवन ही ध्वस्त किए गए हैं। शेष 140 भवनों को शीघ्र ध्वस्त कराने के निर्देश संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को दिए गए। जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कार्य में तेजी लाने को कहा।
स्कूलों के ऊपर से गुजर रही 213 विद्युत लाइनें हटेंगी
विद्यालय भवनों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइनों की समीक्षा के दौरान 213 लाइनों को हटाने के लिए विद्युत विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं में लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
स्वीकृत विकास कार्य एक सप्ताह में शुरू कराने के निर्देश
विद्यालयों में राज्य वित्त आयोग और अन्य मदों से स्वीकृत विकास कार्यों की सूची में खंड विकास अधिकारियों और खंड शिक्षा अधिकारियों के बीच अंतर मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने दोनों विभागों को समन्वय स्थापित कर एक सप्ताह के भीतर स्वीकृत कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए।
कस्तूरबा विद्यालयों में निर्माण की गुणवत्ता जांचने पर जोर
कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में डोरमेट्री निर्माण पूरा होने के बाद भवन हस्तांतरित करने से पहले गुणवत्ता की गहन जांच कराने को कहा गया। निर्माण में कोई कमी मिलने पर उसे तत्काल दूर कराने और निर्माणाधीन भवनों की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए।
300 से अधिक विद्यार्थियों वाले स्कूलों में लगेंगे सीसीटीवी
विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए 300 से अधिक छात्र संख्या वाले परिषदीय विद्यालयों में चार सीसीटीवी कैमरों का एक सेट लगाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी के अनुसार, इससे मध्याह्न भोजन तैयार करने के दौरान होने वाली घटनाओं और चोरी जैसी वारदातों पर निगरानी रखने में मदद मिलेगी।
जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया होगी आसान
जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को जन्म के 21 दिनों के भीतर बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए टोल फ्री नंबर जारी करने की परियोजना पर काम करने को कहा। इसका उद्देश्य आमजन के लिए जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाना है।
गैस एजेंसियों की शिकायतों पर जताई नाराजगी
बैठक में बताया गया कि कुछ गैस एजेंसियां विद्यालयों को मध्याह्न भोजन बनाने के लिए गैस कनेक्शन देने में आनाकानी कर रही हैं और सिलेंडर के साथ रेगुलेटर व पाइप खरीदने का दबाव बना रही हैं। इस पर जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को जिला पूर्ति अधिकारी से समन्वय कर समस्या का तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने में अनावश्यक बाधा नहीं होनी चाहिए और रेगुलेटर-पाइप के नाम पर धन वसूली की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी, परियोजना निदेशक अवधेश राम, जिला विद्यालय निरीक्षक हरवंश कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जयशंकर श्रीवास्तव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, एसआरजी, एआरपी, कस्तूरबा गांधी विद्यालयों की वार्डन और जिला समन्वयक मौजूद रहे।