भांजी की शादी में आए हलवाई की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर मौत

विद्युत विभाग की लापरवाही खेत के किनारे झूलते 11000 वोल्टेज लाइन की चपेट में आया युवक
टेन न्यूज़ !! ०३ मार्च २०२६ !! ब्यूरो चीफ रामजी पोरवाल, औरैया। कुदरकोट थाना क्षेत्र के गडवाना गांव में अपनी भांजी की शादी में शामिल होने आए हलवाई की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई, युवक शौच क्रिया के लिए खेतों पर जा रहा था, विद्युत विभाग की लापरवाही से नीचे झूल रहे 11000 वोल्टेज लाइन के तारों में उलझ कर उसकी मौत हो गई है। घटना से शादी की खुशियां मातम में बदल गई।
आक्रोशित ग्रामीणों ने डीएम, एसपी के मौके पर आने तक शव उठाने से इंकार कर दिया। समाचार लिखे जाने तक ग्रामीणों का आक्रोश जारी था। सुरक्षा और शांति की दृष्टि से कई थानों की पुलिस मौके पर मौजूद थी। जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के ग्राम गड़वाना में लगभग 32 वर्षीय रवि पुत्र रामसनेही निवासी जाहरपुरा थाना भरथना जिला इटावा अपनी भांजी सोनी की शादी में खाना बनाने के लिए आया हुआ था वह हलवाई का काम करता था।
उसकी भांजी सोनी की बारात नोएडा से आई हुई थी तभी रविवार की सुबह लगभग 4 बजे वह शौचक्रिया के लिए खेतों पर गया हुआ था तभी खेतों पर जमीन पर झूल रही 11 000 वोल्टेज लाइन के तारों से उलझ कर उसकी दर्दनाक मौत हो गई। काफी देर तक रवि के वापस न लौटने पर उसके भाई किशन कुमार ने उसे ढूंढना शुरू किया तो सुबह लगभग 7 उसका शव लाइन के समीप पड़ा मिला।
इस घटना से मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया वहीं शादी की खुशियां मातम में बदल गई। विद्युत विभाग की लापरवाही से झूलते तारों को लेकर हुई घटना से ग्रामीणों का आक्रोश भड़क गया। घटना की जानकारी मिलते ही कुदरकोट, बिधूना समेत आसपास के कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। मृतक रवि अपने तीन भाइयों में सबसे छोटा था और उसकी शादी लगभग 1 वर्ष पूर्व हुई थी उसकी पत्नी नेहा का रो रो कर बुरा हाल हो रहा था।
ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत विभाग की लापरवाही से हाई टेंशन लाइन के तार लंबे अर्से से खेतों पर झूल रहे हैं जिसकी कई बार शिकायतें भी की गईं, लापरवाही के चलते पिछले लगभग तीन माह पूर्व इसी लाइन की चपेट में आकर चार गायों की भी मौत हो चुकी थी फिर भी विद्युत विभाग के कानों पर जूं नहीं रेंगी, आक्रोशित ग्रामीण जिले के आला अधिकारियों के आने तक शव न उठने देने पर अडिग थे। बिधूना कोतवाल मुकेश बाबू चौहान कार्रवाई का भरोसा देकर ग्रामीणों को समझाने बुझाने के प्रयासों में समाचार लिखे जाने तक जुटे हुए थे।






