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‎कुसक हल्का लेखपाल गौरब कुमार की लापरवाही और मनमानी से वृद्ध महिला वृद्धा पेंशन से वंचित, क्षेत्र में भृष्टाचार के बढ़ते आरोप

By Ten News One Desk

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‎कुसक हल्का लेखपाल गौरब कुमार की लापरवाही और मनमानी से वृद्ध महिला वृद्धा पेंशन से वंचित, क्षेत्र में भृष्टाचार के बढ़ते आरोप



टेन न्यूज।। 15 नवंबर 2025 ।। डेस्क न्यूज, शाहजहांपुर


तिलहर तहसील क्षेत्र के ग्राम कुसक की 62 वर्षीय वृद्ध महिला लड़ैता पत्नी मैकू हल्का लेखपाल की मनमानी और कथित लापरवाही का शिकार होकर वृद्धा पेंशन योजना के लाभ से वंचित हो गई हैं।

क्षेत्रीय ग्रामीणों के अनुसार लेखपाल गौरव कुमार की कार्यशैली लंबे समय से सवालों के घेरे में है, लेकिन उसके रवैये पर अब गंभीर आरोप सामने आने लगे हैं।

जानकारी के मुताबिक ‎आवेदिका लड़ैता ने वृद्धा पेंशन हेतु आवश्यक दस्तावेज बनवाने की प्रक्रिया शुरू की थी, जिसके तहत उन्होंने 06 नवंबर 2025 को आय प्रमाणपत्र के लिए आवेदन संख्या 251520010206451 जनसेवा केंद्र से ऑनलाइन कराया था। लेकिन लेखपाल ने आवेदन को यह कहते हुए अस्वीकृत कर दिया कि “यह आवेदन पति के नाम से किया जाना चाहिए।” ग्रामीणों और सूत्रों के अनुसार, यह कारण न केवल गलत है बल्कि मनमानी का एक और उदाहरण है, जिससे वृद्धा को सरकारी लाभ मिलने में गंभीर बाधा उत्पन्न हो गई।

‎सूत्रों ने बताया कि हल्का लेखपाल गौरव कुमार की नई पोस्टिंग क्षेत्र में हुई है और तब से ही उसके द्वारा सरकारी दस्तावेज, धान सत्यापन, विरासत, वसीयत आदि कार्यों में कथित रूप से मोटी रकम की मांग किए जाने की चर्चा आम है।

बताया जाता है कि जो आवेदक रुपये दे देता है उसका काम जल्दी और सही ढंग से कर दिया जाता है, जबकि जो पैसे देने में असमर्थ होते हैं, उन्हें बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं या फिर उनकी रिपोर्ट निरस्तीकरण के लिए भेज दी जाती है।

कई मामलों में आवेदकों को ऐसे कागजात उपलब्ध कराए जाते हैं जो उनके काम ही नहीं आते।

‎ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि लेखपाल मौके पर जाकर किसी भी तरह का सत्यापन नहीं करता, जबकि सरकारी नियमों के अनुसार फील्ड विजिट आवश्यक होती है। इसके बजाय वह अपने “विश्वसनीय लोगों” से फोन पर जानकारी लेकर रिपोर्ट तैयार करता है, जिससे जानकारी की सत्यता पर गंभीर सवाल उठते हैं।

‎लड़ैता जैसी निर्धन और वृद्ध महिलाओं के लिए सरकारी पेंशन योजनाएँ जीवनयापन का सहारा होती हैं। ऐसे में एक सरकारी कर्मचारी की लापरवाही और भ्रष्टाचार के चलते उन्हें लाभ से वंचित होना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

‎ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कर कार्रवाई किए जाने की मांग की है, ताकि क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार और मनमानी पर रोक लग सके और पात्र लोगों को उनका हक बिना बाधा के मिल सके।

मामले की जानकारी टेन न्यूज संवाददाता ने लेखपाल से ली तब लेखपाल ने क़ानूनगो ने मना किया का नाम लेकर अपना पल्ला झाड़ लिया वहीं कानूनगों परगना जलालपुर ने लेखपाल द्वारा मामले से संबंधित कोई जानकारी नहीं लेने की बात कही है।

ऐसे में लेखपाल की करतूत पर सत्यता पर मोहर लग गयी है कि लेखपाल गौरब कुमार अपनी मनमानी और लापरवाही पर कितने खरे उतरे रहा है।

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टेन न्यूज।। 15 नवंबर 2025 ।। डेस्क न्यूज, शाहजहांपुर


तिलहर तहसील क्षेत्र के ग्राम कुसक की 62 वर्षीय वृद्ध महिला लड़ैता पत्नी मैकू हल्का लेखपाल की मनमानी और कथित लापरवाही का शिकार होकर वृद्धा पेंशन योजना के लाभ से वंचित हो गई हैं।

क्षेत्रीय ग्रामीणों के अनुसार लेखपाल गौरव कुमार की कार्यशैली लंबे समय से सवालों के घेरे में है, लेकिन उसके रवैये पर अब गंभीर आरोप सामने आने लगे हैं।

जानकारी के मुताबिक ‎आवेदिका लड़ैता ने वृद्धा पेंशन हेतु आवश्यक दस्तावेज बनवाने की प्रक्रिया शुरू की थी, जिसके तहत उन्होंने 06 नवंबर 2025 को आय प्रमाणपत्र के लिए आवेदन संख्या 251520010206451 जनसेवा केंद्र से ऑनलाइन कराया था। लेकिन लेखपाल ने आवेदन को यह कहते हुए अस्वीकृत कर दिया कि “यह आवेदन पति के नाम से किया जाना चाहिए।” ग्रामीणों और सूत्रों के अनुसार, यह कारण न केवल गलत है बल्कि मनमानी का एक और उदाहरण है, जिससे वृद्धा को सरकारी लाभ मिलने में गंभीर बाधा उत्पन्न हो गई।

‎सूत्रों ने बताया कि हल्का लेखपाल गौरव कुमार की नई पोस्टिंग क्षेत्र में हुई है और तब से ही उसके द्वारा सरकारी दस्तावेज, धान सत्यापन, विरासत, वसीयत आदि कार्यों में कथित रूप से मोटी रकम की मांग किए जाने की चर्चा आम है।

बताया जाता है कि जो आवेदक रुपये दे देता है उसका काम जल्दी और सही ढंग से कर दिया जाता है, जबकि जो पैसे देने में असमर्थ होते हैं, उन्हें बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं या फिर उनकी रिपोर्ट निरस्तीकरण के लिए भेज दी जाती है।

कई मामलों में आवेदकों को ऐसे कागजात उपलब्ध कराए जाते हैं जो उनके काम ही नहीं आते।

‎ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि लेखपाल मौके पर जाकर किसी भी तरह का सत्यापन नहीं करता, जबकि सरकारी नियमों के अनुसार फील्ड विजिट आवश्यक होती है। इसके बजाय वह अपने “विश्वसनीय लोगों” से फोन पर जानकारी लेकर रिपोर्ट तैयार करता है, जिससे जानकारी की सत्यता पर गंभीर सवाल उठते हैं।

‎लड़ैता जैसी निर्धन और वृद्ध महिलाओं के लिए सरकारी पेंशन योजनाएँ जीवनयापन का सहारा होती हैं। ऐसे में एक सरकारी कर्मचारी की लापरवाही और भ्रष्टाचार के चलते उन्हें लाभ से वंचित होना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

‎ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कर कार्रवाई किए जाने की मांग की है, ताकि क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार और मनमानी पर रोक लग सके और पात्र लोगों को उनका हक बिना बाधा के मिल सके।

मामले की जानकारी टेन न्यूज संवाददाता ने लेखपाल से ली तब लेखपाल ने क़ानूनगो ने मना किया का नाम लेकर अपना पल्ला झाड़ लिया वहीं कानूनगों परगना जलालपुर ने लेखपाल द्वारा मामले से संबंधित कोई जानकारी नहीं लेने की बात कही है।

ऐसे में लेखपाल की करतूत पर सत्यता पर मोहर लग गयी है कि लेखपाल गौरब कुमार अपनी मनमानी और लापरवाही पर कितने खरे उतरे रहा है।

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