बेटे की शादी का कार्ड बांटने गए पिता की हुई मृत्यु पीलीभीत में टाइगर के हमले से महिला की मौत, जंगल किनारे मिला शव टेट पर छूट से इनकार पर भड़के शिक्षक, शिक्षा राज्य मंत्री का फूंका पुतला, मार्च में देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी युवती को बहला-फुसलाकर ले जाने का मामला दर्ज आठ सूत्रीय मांगों को लेकर ट्रेड यूनियन को-ऑर्डिनेशन सेंटर का प्रदर्शन, प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
---Advertisement---

नाहिल झील को पुनर्जीवित कर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा: जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह

By Ten News One Desk

Published on:

101 Views

नाहिल झील को पुनर्जीवित कर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा: जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह



टेन न्यूज़ !! ०९ नवम्बर २०२५ !! डीपी सिंह डेस्क न्यूज़, शाहजहांपुर


जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने तहसील पुवायां क्षेत्र के ग्राम नाहिल स्थित ऐतिहासिक नाहिल झील का स्थलीय निरीक्षण कर इसके पुनर्जीवन और विकास के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने झील एवं उसके आस-पास की भूमि का गहन मुआयना किया और उपस्थित ग्रामीणों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को बताया कि नाहिल झील एक प्राचीन और ऐतिहासिक जलाशय है, जो समय के साथ अपना प्राकृतिक स्वरूप खोती जा रही है। पूर्व में यह झील अपने विशेष नीले कमल और विदेशी पक्षियों के आगमन के लिए प्रसिद्ध थी। जिलाधिकारी ने कहा कि नाहिल झील को उसके मूल प्राकृतिक स्वरूप में पुनः स्थापित किया जाएगा ताकि यह क्षेत्र पुनः अपनी ऐतिहासिक और पर्यावरणीय पहचान प्राप्त कर सके।

उन्होंने निर्देश दिए कि झील के पुनर्निर्माण एवं सौंदर्यीकरण के साथ-साथ यहां एक गौ अभ्यारण केंद्र भी स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र लगभग पांच से सात हजार गायों को आश्रय देने में सक्षम होगा, जहां उनके चारे, पानी और विचरण के लिए समुचित प्रबंध किए जाएंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि इस पहल से क्षेत्रवासियों को निराश्रित पशुओं की समस्या से राहत मिलेगी और एक प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र भी विकसित होगा।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नाहिल झील की भूमि पर किए गए सभी अवैध कब्जे तत्काल हटा लिए जाएं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कब्जेदार स्वयं कब्जा नहीं हटाते हैं, तो प्रशासन कड़ी कार्रवाई करेगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि आगामी छः माह में नाहिल झील को एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए झील के पहुंच मार्ग के निर्माण और समग्र विकास हेतु कार्यदायी संस्था को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि झील की फेंसिंग तारबाड़ और वृक्षारोपण द्वारा बाउंड्री निर्माण किया जाएगा। झील से सटे बाबा रघुनाथपुरी मंदिर का भी जीर्णोद्धार कराया जाएगा ताकि यह क्षेत्र धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सके। जिलाधिकारी ने बाबा तुरन्त नाथ मंदिर पहुंच कर दर्शन किए तथा मत्था टेका साथ ही उन्होंने जीर्णोद्धार हेतु मंदिर परिसर का निरक्षण भी किया।

ग्रामीणों से संवाद करते हुए जिलाधिकारी ने सहभागिता योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ऐसे पशुपालक जो दूध न देने वाली गायों को खुल्ला सड़कों पर छोड़ देते हैं, उन्हें ऐसा न करने की सलाह दी गई है। सरकार द्वारा ऐसी गायों की देखभाल हेतु प्रति गाय ₹50 प्रतिदिन ₹1500 प्रति माह की वित्तीय सहायता सहभागिता योजनांतर्गत प्रदान की जा रही है।

निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी पुवायां चित्रा निर्वाल सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

 

नाहिल झील को पुनर्जीवित कर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा: जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह

Published On:
---Advertisement---
101 Views

नाहिल झील को पुनर्जीवित कर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा: जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह



टेन न्यूज़ !! ०९ नवम्बर २०२५ !! डीपी सिंह डेस्क न्यूज़, शाहजहांपुर


जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने तहसील पुवायां क्षेत्र के ग्राम नाहिल स्थित ऐतिहासिक नाहिल झील का स्थलीय निरीक्षण कर इसके पुनर्जीवन और विकास के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने झील एवं उसके आस-पास की भूमि का गहन मुआयना किया और उपस्थित ग्रामीणों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को बताया कि नाहिल झील एक प्राचीन और ऐतिहासिक जलाशय है, जो समय के साथ अपना प्राकृतिक स्वरूप खोती जा रही है। पूर्व में यह झील अपने विशेष नीले कमल और विदेशी पक्षियों के आगमन के लिए प्रसिद्ध थी। जिलाधिकारी ने कहा कि नाहिल झील को उसके मूल प्राकृतिक स्वरूप में पुनः स्थापित किया जाएगा ताकि यह क्षेत्र पुनः अपनी ऐतिहासिक और पर्यावरणीय पहचान प्राप्त कर सके।

उन्होंने निर्देश दिए कि झील के पुनर्निर्माण एवं सौंदर्यीकरण के साथ-साथ यहां एक गौ अभ्यारण केंद्र भी स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र लगभग पांच से सात हजार गायों को आश्रय देने में सक्षम होगा, जहां उनके चारे, पानी और विचरण के लिए समुचित प्रबंध किए जाएंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि इस पहल से क्षेत्रवासियों को निराश्रित पशुओं की समस्या से राहत मिलेगी और एक प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र भी विकसित होगा।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नाहिल झील की भूमि पर किए गए सभी अवैध कब्जे तत्काल हटा लिए जाएं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कब्जेदार स्वयं कब्जा नहीं हटाते हैं, तो प्रशासन कड़ी कार्रवाई करेगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि आगामी छः माह में नाहिल झील को एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए झील के पहुंच मार्ग के निर्माण और समग्र विकास हेतु कार्यदायी संस्था को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि झील की फेंसिंग तारबाड़ और वृक्षारोपण द्वारा बाउंड्री निर्माण किया जाएगा। झील से सटे बाबा रघुनाथपुरी मंदिर का भी जीर्णोद्धार कराया जाएगा ताकि यह क्षेत्र धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सके। जिलाधिकारी ने बाबा तुरन्त नाथ मंदिर पहुंच कर दर्शन किए तथा मत्था टेका साथ ही उन्होंने जीर्णोद्धार हेतु मंदिर परिसर का निरक्षण भी किया।

ग्रामीणों से संवाद करते हुए जिलाधिकारी ने सहभागिता योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ऐसे पशुपालक जो दूध न देने वाली गायों को खुल्ला सड़कों पर छोड़ देते हैं, उन्हें ऐसा न करने की सलाह दी गई है। सरकार द्वारा ऐसी गायों की देखभाल हेतु प्रति गाय ₹50 प्रतिदिन ₹1500 प्रति माह की वित्तीय सहायता सहभागिता योजनांतर्गत प्रदान की जा रही है।

निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी पुवायां चित्रा निर्वाल सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

 

Follow Us On

---Advertisement---

Leave a Comment