उत्तर प्रदेश विधान सभा की प्रतिनिहित विधायन समिति की बैठक सम्पन्न
टेन न्यूज़ !! ११ जून २०२५ !! डीपी सिंह@डेस्क न्यूज़, शाहजहांपुर
उत्तर प्रदेश विधान सभा की प्रतिनिहित विधायन समिति (वर्ष 2024-25) की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन नगर स्थित रिलायंस गेस्ट हाउस में किया गया। बैठक की अध्यक्षता माननीय सभापति श्री विपिन कुमार डेविड द्वारा की गई। समिति में सदस्य श्री अरुण पाठक एवं श्री गणेश चंद्र भी उपस्थित रहे।
बैठक में राज्य कर विभाग, नगर विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, वन विभाग, पर्यटन विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, परिवहन विभाग, चिकित्सा एवं शिक्षा विभाग तथा भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के जनपदीय अधिकारियों के साथ विभागीय कार्यों की गहन समीक्षा व विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
माननीय सभापति ने सहायक आयुक्त, व्यापार कर को निर्देशित किया कि व्यापारियों के साथ समय-समय पर बैठकें कराकर उन्हें पंजीकृत किया जाए तथा उनकी समस्याओं का प्राथमिकता पर समाधान किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि व्यापारियों के साथ सद्व्यवहार होना चाहिए तथा किसी भी स्थिति में उनका उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में व्यापारियों एवं किसानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
नगर आयुक्त द्वारा सीसीटीवी कैमरे, गृहकर, स्मार्ट रोड तथा राजस्व वसूली जैसे विषयों पर समिति को जानकारी दी गई। समिति ने निर्देशित किया कि सभी कार्य योजनाबद्ध रूप से हों। बाजार शिफ्टिंग को सुव्यवस्थित ढंग से पूरा किया जाए।
वाहन धुलाई केन्द्रों को अनुमति प्राप्त ही संचालित किया जाए, अनावश्यक जल अपव्यय न हो तथा वाटर रिचार्ज पर विशेष ध्यान दिया जाए। भवनों में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए एवं तालाबों की स्थिति की भी नियमित समीक्षा हो।
जिला पंचायत राज अधिकारी को समिति ने निर्देश दिए कि ग्रामों में खुली बैठकों का आयोजन सुनिश्चित किया जाए और पूर्व सूचना सभी ग्रामीणों को दी जाए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।
5 वर्ष से अधिक समय से लंबित राजस्व वादों की समीक्षा करते हुए माननीय सभापति ने निर्देश दिए कि इन मामलों को मिशन मोड में निस्तारित किया जाए। विशेष रूप से तहसील कलान एवं पुवायां में सुधार लाने पर बल दिया गया।
लेखपालों को निर्देशित किया गया कि वे मनमानी न करें और जनता को अनावश्यक परेशान न करें। उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि अपने-अपने क्षेत्रों में राजस्व वादों का त्वरित एवं प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करें।
घरौनी वितरण पर विशेष ध्यान देते हुए निर्देश दिया गया कि यह लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचे।
लोक निर्माण विभाग अधिकारी को समिति ने निर्देश दिए कि जनपद की कोई भी सड़क उपेक्षित न रहे। सभी खराब सड़कों को चिह्नित कर उनकी मरम्मत शीघ्र कराई जाए।
महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाला पोषण एवं खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। रानी लक्ष्मीबाई कोष योजना के लंबित आवेदनों को शीघ्र निस्तारित कर लाभार्थियों को लाभ प्रदान किया जाए।
डीएफओ को निर्देशित किया गया कि जनपद में छोटे-छोटे मियावाकी उद्यान विकसित किए जाएं, जिससे पशु-पक्षियों को आश्रय मिले एवं जल संरक्षण में वृद्धि हो। इस कार्य में जनसहभागिता सुनिश्चित की जाए।
पर्यटन अधिकारी को निर्देश दिए कि पर्यटन स्थलों पर बेंच, सीढ़ियों एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं का बेहतर निर्माण कराया जाए जिससे पर्यटकों को सुविधा मिले।
बेसिक शिक्षा विभाग को समिति ने निर्देश दिए कि एक ही परिसर में संचालित विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए समन्वित व सकारात्मक वातावरण तैयार किया जाए।
सरकारी विद्यालयों के निकट संचालित अधोमानक निजी विद्यालयों को बंद कराया जाए।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को लेकर समिति ने मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य को निर्देशित किया कि मरीजों को ओपीडी व भर्ती संबंधी सेवाएं समय से एवं गुणवत्तापूर्ण मिलें।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए गए कि सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध दवाओं की सूची हिंदी भाषा में प्रदर्शित की जाए।
प्राइवेट अस्पतालों के बाहर बोर्ड लगवाए जाएं जिनमें इलाज की श्रेणियां, स्टाफ की उपलब्धता, संचालक का नाम एवं पंजीकरण संख्या अनिवार्य रूप से अंकित हो।
रेफरल में लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों की सूची तैयार की जाए।
समिति द्वारा जिला खनन अधिकारी को निर्देशित किया गया कि जो किसान अपने खेत से मिट्टी निकालना चाहते हैं, उन्हें आवश्यक अनुमति शीघ्र दी जाए।
समिति द्वारा आरटीओ को निर्देशित किया गया कि मोटर ट्रेनिंग स्कूलों का औचक निरीक्षण किया जाए।हाईवे पर स्थित अवैध कट बंद कराए जाएं एवं ब्लैक स्पॉट का तकनीकी मूल्यांकन कर सुधार कराया जाए।दो पहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए जिसमें स्वयं सहायता समूहों एवं बैंक सखी की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
अंत में माननीय सभापति ने स्पष्ट किया कि अधिकारी स्वयं को शासक न समझें, जनता सर्वोपरि है। जनता के राजस्व से ही प्रदेश व देश की व्यवस्था संचालित होती है। सभी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध रूप से पहुंचे, यह हम सभी का परम दायित्व है।
बैठक में माननीय महापौर श्रीमती अर्चना वर्मा, महानगर अध्यक्ष श्रीमती शिल्पी गुप्ता, समिति के संयुक्त सचिव श्री अजीत कुमार वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अपराजिता सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन श्री रजनीश कुमार मिश्रा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।







