बिना ईंटों के बना शाहजहांपुर का अनोखा शिव मंदिर, सावन में उमड़ती है भक्तों की भीड़
टेन न्यूज़ | १४ जुलाई २०२५ !! अमुक सक्सेना, तिलहर/ शाहजहाँपुर
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शाहजहांपुर जिले के मदनपुर क्षेत्र में एक अनोखा शिव मंदिर स्थित है, जिसकी विशेषता है कि इसका निर्माण एक भी ईंट के बिना किया गया है। यह मंदिर फिरोजपुर गांव के पास, मदनपुर–बुधवाना मार्ग पर स्थित है, और सावन के महीने में यहां दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
लगभग 50 फीट ऊंचा यह भव्य शिव मंदिर लाखों नदी के सुंदर पत्थरों से बनाया गया है। यह मंदिर न केवल अपनी वास्तुकला के कारण चर्चा में है, बल्कि इसकी आस्था और मान्यता के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां आने वाले भक्तों का विश्वास है कि भोलेनाथ उनके हर दुख दूर करते हैं और सच्चे मन से मांगी गई मनोकामनाएं अवश्य पूरी होती हैं।
इस मंदिर की नींव फिरोजपुर गांव के महिपाल सिंह चौहान द्वारा दान में दी गई जमीन पर रखी गई। इसके निर्माण की पहल स्वामी विदेह नदनी शरण द्वारा की गई और इसे बदायूं जिले के बनकोटा गांव के धर्मपाल प्रजापति ने अपने हाथों से पत्थर जोड़-जोड़ कर बनाया। मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा भी विधिवत की गई है।
मंदिर के गर्भगृह में भगवान शिव के साथ-साथ हनुमान जी की मूर्ति भी विराजमान है। मंदिर में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को गदा धारण किए भव्य हनुमान जी के दर्शन होते हैं, जो भक्तों को विशेष आध्यात्मिक अनुभूति कराते हैं।
पुजारी बताते हैं कि यह मंदिर आस्था का ऐसा केंद्र बन चुका है जहां कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता। सावन के महीने में यहां श्रद्धालुओं का मेला लग जाता है और पूरे वातावरण में “हर-हर महादेव” की गूंज सुनाई देती है।
यह मंदिर मदनापुर से बुधवाना की ओर जाते समय लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, और सड़क मार्ग से इसकी पहुंच बिल्कुल सरल है।
टेन न्यूज़ के लिए तिलहर शाहजहांपुर से अमुक सक्सेना की रिपोर्ट।







