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मेडिकल कॉलेज शाहजहांपुर का अपर मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण, निर्माण कार्यों जल्द पूर्ण करने के दिए निर्देश

By Ten News One Desk

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मेडिकल कॉलेज शाहजहांपुर का अपर मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण, निर्माण कार्यों जल्द पूर्ण करने के दिए निर्देश



महाविद्यालय को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित करने पर बल


टेन न्यूज़ !! २६ अक्टूबर २०२५ !! डेस्क न्यूज़@शाहजहांपुर


शनिवार को अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन श्री अमित कुमार घोष ने जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह के साथ पंडित राम प्रसाद बिस्मिल स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय का निरीक्षण कर परियोजनाओं के निर्माण कार्यों एवं व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिलाधिकारी, प्रधानाचार्य, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित कार्यदायी संस्थाओं के अभियंताओं एवं अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर चिकित्सा स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की।

बैठक में प्रधानाचार्य डॉ. राजेश कुमार ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से महाविद्यालय की वर्तमान स्थिति, चिकित्सा शिक्षकों की उपलब्धता तथा निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला चिकित्सालय, शाहजहांपुर को उच्चीकृत कर राजकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना का निर्णय लिया गया था। जिला चिकित्सालय में पूर्व से 330 शैय्या महिला एवं पुरुष चिकित्सालय तथा 100 शैय्या एम.सी.एच. विंग सम्मिलित कर कुल 430 बेड संचालित हैं। साथ ही परिसर में 100 शैय्या नवीन चिकित्सालय ब्लॉक तथा 50 बेडेड क्रिटिकल केयर ब्लॉक निर्माणाधीन हैं। मेडिकल कॉलेज परिसर, जिला चिकित्सालय से लगभग 9 किलोमीटर की दूरी पर अजीजपुर/जिगनेरा गांव में स्थित है।

प्रधानाचार्य ने बताया कि स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय शाहजहांपुर में प्रति शैक्षणिक सत्र 100 एम.बी.बी.एस. सीटों की अनुमति प्राप्त है। वर्ष 2019 में प्रथम बैच के छात्र-छात्राओं ने इंटर्नशिप पूर्ण कर ली है, जबकि द्वितीय बैच के विद्यार्थी इंटर्नशिप कर रहे हैं। वर्तमान में कुल पाँच बैच अध्ययनरत हैं। उन्होंने बताया कि स्वीकृत पदों के सापेक्ष चिकित्सा शिक्षकों की उपलब्धता अभी भी बहुत कम है, जिससे शिक्षण एवं चिकित्सा सेवाओं के संचालन में कठिनाई आ रही है।

अपर मुख्य सचिव ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि रिक्त पदों पर एसएमसी तथा अन्य माध्यमों से शीघ्र चयन प्रक्रिया पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय के निर्माण कार्य लगभग 80 प्रतिशत पूर्ण हो चुके हैं, अतः शेष कार्यों को नियोजित तरीके से समयबद्ध रूप में पूर्ण किया जाए। प्रधानाचार्य द्वारा नए रजिस्ट्रेशन काउंटर, कैंटीन एवं अन्य आवश्यक निर्माण कार्यों के प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जिस पर अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी नए निर्माण महाविद्यालय परिसर में ही कराए जाएं।

उन्होंने छात्रावासों में रह रहे विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्याप्त संख्या में सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएं तथा सीसीटीवी कैमरे लगाकर निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 8 से 9 वर्षों में मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं में काफी वृद्धि हुई है, अब आवश्यक है कि एक समर्पित टीम बनाकर इन सुविधाओं का लाभ जनता तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जाए। चिकित्सा सेवाओं को और बेहतर बनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि मेडिकल व्यवस्थाओं को सुदृढ़ एवं जनहितकारी बनाना ही प्राथमिक लक्ष्य होना चाहिए।

बैठक उपरांत अपर मुख्य सचिव ने लैक्चर थियेटर भवन में संकाय सदस्यों, स्नातकोत्तर विद्यार्थियों, जूनियर रेजिडेंट्स तथा पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों के छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने महाविद्यालय को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित करने हेतु सामूहिक प्रयास करने के लिए सभी को प्रेरित किया तथा भविष्य की योजनाओं पर सक्रिय रूप से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने उच्च कोटि के शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहन देने पर विशेष बल दिया ताकि संस्थान राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित हो सके। उन्होंने आश्वासन दिया कि संस्थान में चल रहे लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराया जाएगा तथा नर्सिंग स्टाफ, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के नियमित पदों पर भर्ती प्रक्रिया को सरल बनाकर शीघ्र पूर्ण किया जाएगा।

इसके उपरांत अपर मुख्य सचिव ने स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सालय के आईसीयू वार्ड सहित अन्य वार्डों में जाकर भर्ती मरीजों का हालचाल जाना एवं चिकित्सा सुविधाओं की गुणवत्ता की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माणाधीन बिल्डिंग का भी अवलोकन किया और कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों को यथाशीघ्र पूर्ण कर चिकित्सीय सेवाएं प्रारंभ की जाएं।

इस अवसर पर जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह, महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राजेश कुमार, अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग डॉ. तेजपाल राठौर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नेपाल सिंह, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. महेन्द्र पाल, वित्त नियंत्रक दीपक रस्तोगी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में डॉ. नीरा, डॉ. अमित सक्सेना, डॉ. विशाल प्रकाश गिरि, डॉ. राणा प्रताप, डॉ. देवेश, डॉ. विभोर जैन, डॉ. पूजा पांडे एवं डॉ. सुमित सक्सेना सहित अनेक अधिकारी एवं शिक्षण स्टाफ भी सम्मिलित रहे।

 

मेडिकल कॉलेज शाहजहांपुर का अपर मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण, निर्माण कार्यों जल्द पूर्ण करने के दिए निर्देश

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महाविद्यालय को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित करने पर बल


टेन न्यूज़ !! २६ अक्टूबर २०२५ !! डेस्क न्यूज़@शाहजहांपुर


शनिवार को अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन श्री अमित कुमार घोष ने जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह के साथ पंडित राम प्रसाद बिस्मिल स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय का निरीक्षण कर परियोजनाओं के निर्माण कार्यों एवं व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिलाधिकारी, प्रधानाचार्य, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित कार्यदायी संस्थाओं के अभियंताओं एवं अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर चिकित्सा स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की।

बैठक में प्रधानाचार्य डॉ. राजेश कुमार ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से महाविद्यालय की वर्तमान स्थिति, चिकित्सा शिक्षकों की उपलब्धता तथा निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला चिकित्सालय, शाहजहांपुर को उच्चीकृत कर राजकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना का निर्णय लिया गया था। जिला चिकित्सालय में पूर्व से 330 शैय्या महिला एवं पुरुष चिकित्सालय तथा 100 शैय्या एम.सी.एच. विंग सम्मिलित कर कुल 430 बेड संचालित हैं। साथ ही परिसर में 100 शैय्या नवीन चिकित्सालय ब्लॉक तथा 50 बेडेड क्रिटिकल केयर ब्लॉक निर्माणाधीन हैं। मेडिकल कॉलेज परिसर, जिला चिकित्सालय से लगभग 9 किलोमीटर की दूरी पर अजीजपुर/जिगनेरा गांव में स्थित है।

प्रधानाचार्य ने बताया कि स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय शाहजहांपुर में प्रति शैक्षणिक सत्र 100 एम.बी.बी.एस. सीटों की अनुमति प्राप्त है। वर्ष 2019 में प्रथम बैच के छात्र-छात्राओं ने इंटर्नशिप पूर्ण कर ली है, जबकि द्वितीय बैच के विद्यार्थी इंटर्नशिप कर रहे हैं। वर्तमान में कुल पाँच बैच अध्ययनरत हैं। उन्होंने बताया कि स्वीकृत पदों के सापेक्ष चिकित्सा शिक्षकों की उपलब्धता अभी भी बहुत कम है, जिससे शिक्षण एवं चिकित्सा सेवाओं के संचालन में कठिनाई आ रही है।

अपर मुख्य सचिव ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि रिक्त पदों पर एसएमसी तथा अन्य माध्यमों से शीघ्र चयन प्रक्रिया पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय के निर्माण कार्य लगभग 80 प्रतिशत पूर्ण हो चुके हैं, अतः शेष कार्यों को नियोजित तरीके से समयबद्ध रूप में पूर्ण किया जाए। प्रधानाचार्य द्वारा नए रजिस्ट्रेशन काउंटर, कैंटीन एवं अन्य आवश्यक निर्माण कार्यों के प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जिस पर अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी नए निर्माण महाविद्यालय परिसर में ही कराए जाएं।

उन्होंने छात्रावासों में रह रहे विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्याप्त संख्या में सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएं तथा सीसीटीवी कैमरे लगाकर निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 8 से 9 वर्षों में मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं में काफी वृद्धि हुई है, अब आवश्यक है कि एक समर्पित टीम बनाकर इन सुविधाओं का लाभ जनता तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जाए। चिकित्सा सेवाओं को और बेहतर बनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि मेडिकल व्यवस्थाओं को सुदृढ़ एवं जनहितकारी बनाना ही प्राथमिक लक्ष्य होना चाहिए।

बैठक उपरांत अपर मुख्य सचिव ने लैक्चर थियेटर भवन में संकाय सदस्यों, स्नातकोत्तर विद्यार्थियों, जूनियर रेजिडेंट्स तथा पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों के छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने महाविद्यालय को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित करने हेतु सामूहिक प्रयास करने के लिए सभी को प्रेरित किया तथा भविष्य की योजनाओं पर सक्रिय रूप से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने उच्च कोटि के शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहन देने पर विशेष बल दिया ताकि संस्थान राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित हो सके। उन्होंने आश्वासन दिया कि संस्थान में चल रहे लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराया जाएगा तथा नर्सिंग स्टाफ, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के नियमित पदों पर भर्ती प्रक्रिया को सरल बनाकर शीघ्र पूर्ण किया जाएगा।

इसके उपरांत अपर मुख्य सचिव ने स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सालय के आईसीयू वार्ड सहित अन्य वार्डों में जाकर भर्ती मरीजों का हालचाल जाना एवं चिकित्सा सुविधाओं की गुणवत्ता की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माणाधीन बिल्डिंग का भी अवलोकन किया और कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों को यथाशीघ्र पूर्ण कर चिकित्सीय सेवाएं प्रारंभ की जाएं।

इस अवसर पर जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह, महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राजेश कुमार, अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग डॉ. तेजपाल राठौर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नेपाल सिंह, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. महेन्द्र पाल, वित्त नियंत्रक दीपक रस्तोगी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में डॉ. नीरा, डॉ. अमित सक्सेना, डॉ. विशाल प्रकाश गिरि, डॉ. राणा प्रताप, डॉ. देवेश, डॉ. विभोर जैन, डॉ. पूजा पांडे एवं डॉ. सुमित सक्सेना सहित अनेक अधिकारी एवं शिक्षण स्टाफ भी सम्मिलित रहे।

 

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