19 फरवरी से शुरू होगा रमजान का पाक महीना, देशभर में दिखा चांद

टेन न्यूज़ !! १९ फरवरी २०२६ !! पप्पू अंसारी, शाहजहांपुर। सऊदी अरब में 17 फरवरी को चांद नजर आने के बाद वहां 18 फरवरी से रमजान के रोजे शुरू हो गए। भारत में परंपरा के अनुसार एक दिन बाद रोजा रखा जाता है। मंगलवार शाम शाबान की 29वीं रात को दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में रमजान का चांद दिखाई दे गया। इसके साथ ही 19 फरवरी 2026, गुरुवार से भारत में रमजान का पहला रोजा रखा जाएगा।
माह-ए-रमजान इस्लामी कैलेंडर का नौवां और सबसे पवित्र महीना माना जाता है। इसी महीने में पवित्र कुरआन शरीफ का अवतरण शुरू हुआ था। यह महीना रहमत, बरकत और मगफिरत का प्रतीक है। रमजान केवल भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं, बल्कि आत्मसंयम, इबादत, सब्र और इंसानियत को मजबूत करने का अवसर है।
रोजा रखने से इंसान में धैर्य और अनुशासन की भावना विकसित होती है। दिनभर भूखे-प्यासे रहने से जरूरतमंदों की तकलीफ का एहसास होता है, जिससे समाज में भाईचारा और आपसी सहयोग की भावना बढ़ती है। इस महीने में जकात और सदका देना विशेष महत्व रखता है। अपनी आमदनी का एक हिस्सा गरीबों और जरूरतमंदों को देकर सामाजिक बराबरी का संदेश दिया जाता है।
रमजान की आखिरी दस रातें विशेष महत्व रखती हैं। इनमें शब-ए-कद्र की रात को हजार महीनों से बेहतर बताया गया है।
पहली सेहरी और इफ्तार का समय (शाहजहांपुर):
पहली सेहरी: सुबह 5:20 बजे
पहला इफ्तार: शाम 6:08 बजे
उलेमाओं ने अपील की है कि सभी लोग पांच वक्त की नमाज का एहतमाम करें, कुरआन शरीिफ की तिलावत करें, सेहरी और इफ्तार में सादगी अपनाएं तथा जरूरतमंदों की मदद करें। साथ ही झूठ, गुस्सा, फिजूलखर्ची और समय की बर्बादी से बचते हुए इस पवित्र महीने को इबादत और नेकियों में गुजारें।
चांद नजर आने के बाद मुस्लिम समुदाय में खुशी की लहर है और लोगों ने एक-दूसरे को रमजान की मुबारकबाद दी।






