नारी सुरक्षा के दावों के बीच महिला की शिकायत पर सवाल, रसूखदारों की पैरवी का आरोप,पीड़िता पर ही करवाई , वाह रे पूर्वी पुलिस

टेन न्यूज़ !! १० अक्टूबर २०२६ !! मुनीश चन्द्र शर्मा ब्यूरो
फतेहगंज पूर्वी/बरेली । नारी सुरक्षा को लेकर पुलिस भले ही लगातार अभियान चला रही हो, लेकिन टिसुआ गांव की एक महिला की शिकायत ने थाने की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला का आरोप है कि घर में घुसकर गाली-गलौज, मारपीट और बच्चे को उठाकर फेंकने की शिकायत लेकर वह तीन दिन लगातार थाने में तहरीर लेकर पहुंची, लेकिन कार्रवाई के बजाय मामले को दबाने का प्रयास किया गया।
पीड़िता का आरोप है कि रसूखदार लोगों की पैरवी के चलते पुलिस ने उसकी शिकायत पर मुकदमा दर्ज करने के बजाय उसे ही धमकाया। इतना ही नहीं, महिला के मुताबिक पुलिस ने विवाद में दोनों पक्षों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई कर मामले को रफा-दफा कर दिया। महिला का कहना है कि जिस मामले में वह खुद शिकायतकर्ता थी, उसी में उसे आरोपित पक्ष के साथ खड़ा कर दिया गया।
टिसुआ निवासी पिंकी पत्नी संजीव ने थाना पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसका पति बाहर काम करता है और वह घर पर अकेली रहती है। आरोप है कि गांव का जगदीश उसके घर के पास की जगह पर कब्जा करना चाहता है। इसी बात को लेकर विवाद चल रहा है।
महिला ने आरोप लगाया कि 4 अक्टूबर की शाम करीब आठ बजे अमित पुत्र जगदीश, जगदीश और बबलू पुत्र ननालूम उसके घर में घुस आए और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर मारपीट की गई। आरोप है कि उसके छोटे बच्चे को भी उठाकर फेंक दिया गया और जान से मारने की धमकी दी गई।
महिला के अनुसार, घटना के बाद उसने थाने पहुंचकर कार्रवाई की मांग की और लगातार तीन दिन तक तहरीर लेकर पुलिस के चक्कर काटे। लेकिन आरोप है कि उसकी सुनवाई करने के बजाय उसे ही धमकाया गया और दोनों पक्षों पर शांतिभंग की कार्रवाई कर मामले को समाप्त कर दिया गया।
पीड़िता अब उच्चाधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग कर रही है।