अमृत भारत एक्सप्रेस की चपेट में आने से मामा-भांजे की मौत, घटना से परिजनों में मचा कोहराम, गांव में छाया मातम
टेन न्यूज ।। 18 अक्टूबर 2026 ।। ब्यूरो चीफ रामजी पोरवाल
औरैया। जनपद में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें परिजनों के साथ पूरे गांव में हड़कंप मच गया, बीमार भांजे को घर पहुंचाने निकले मामा को क्या पता था कि जिस सफर में वह उसका सहारा बने हैं, वही सफर दोनों की जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। जनपद के अछल्दा रेलवे क्रॉसिंग 13-बी के पास अमृत भारत एक्सप्रेस की चपेट में आने से मामा-भांजे की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे ने दो परिवारों को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया। मृतक राजू अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी मौत से दो साल के मासूम के सिर से पिता का साया उठ गया। घटना की खबर मिलते ही परिवारों में चीख-पुकार मच गई।
फफूंद थाना क्षेत्र के नगला रामलाल, रायपुर निवासी राजू पुत्र जयवीर सिंह और एटा जिले के रेजुआ निवासी उसके मामा कृष्ण पुत्र दीपचंद सूरत में काम करते थे। शनिवार सुबह करीब दोनों अछल्दा रेलवे स्टेशन की ओर से क्रॉसिंग की तरफ पैदल जा रहे थे। बताया गया कि राजू की तबीयत खराब थी, इसलिए मामा कृष्ण उसे घर छोड़ने के लिए साथ आए थे। इसी दौरान कानपुर की ओर जा रही अमृत भारत एक्सप्रेस की चपेट में दोनों आ गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों उछलकर करीब 50 मीटर दूर जा गिरे। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
परिवार में इकलौते बेटे की मौत से पूरे क्षेत्र को झगझोर दिया है,
राजू की मां मीना देवी ने मौके पर पहुंचकर दोनों की पहचान की। राजू की पत्नी नेहा और दो साल का बेटा कन्हैया है। जिस मासूम को अभी पिता की उंगली पकड़कर चलना सीखना था, उसके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। राजू के पिता बाहर रहकर ट्रक चलाते हैं। बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
भांजे का साथ निभाते-निभाते दुनिया से विदा हुए मामा
कृष्ण पांच भाइयों में सबसे बड़े थे और उनकी चार बहनें भी हैं। बीमार भांजे को घर पहुंचाने के लिए साथ निकले कृष्ण की भी हादसे में जान चली गई। घटना में दो सदस्यों को खोने से दोनों परिवारों में मातम पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे के बाद लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकी। जांच के बाद ट्रेन रवाना हुई और स्टेशन मास्टर ने जीआरपी फफूंद को सूचना दी है ll