शरद पूर्णिमा पर आयुर्वेद और स्वस्थ जीवनशैली पर हुई विचार गोष्ठी

रेड क्रॉस सोसाइटी और आयुर्वेद महासम्मेलन के संयुक्त तत्वावधान में हुआ आयोजन, ऋतुचर्या व संतुलित आहार पर दिया जोर
टेन न्यूज़ !! २४ अक्टूबर २०२६ !! डेस्क न्यूज़
शाहजहाँपुर। शरद पूर्णिमा के अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय परिसर स्थित इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी कार्यालय में “आयुर्वेद की दृष्टि में शरद पूर्णिमा : आरोग्य एवं आराधना” विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई। इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, शाखा शाहजहाँपुर एवं अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित गोष्ठी की अध्यक्षता आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी एवं आयुर्वेद दिवस के नोडल अधिकारी डॉ. संदीप सिंह ने की।
गोष्ठी में वक्ताओं ने आयुर्वेद, ऋतु परिवर्तन, संतुलित आहार-विहार और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर विचार रखे। अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन के जिलाध्यक्ष एवं इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के सचिव डॉ. विजय जौहरी ने कहा कि आयुर्वेद केवल रोगों के उपचार की पद्धति नहीं, बल्कि प्रकृति, ऋतु, आहार और दिनचर्या के बीच संतुलन स्थापित करने वाली भारतीय ज्ञान परंपरा है।
उन्होंने बताया कि आयुर्वेद में शरद ऋतु के दौरान पित्त दोष के प्रकोप की अवधारणा है। ऐसे में संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और अपनी प्रकृति के अनुरूप जीवनशैली अपनाना महत्वपूर्ण है। उन्होंने च्यवनप्राश, आंवला, त्रिफला और गिलोय जैसे पारंपरिक द्रव्यों का सेवन योग्य आयुर्वेद चिकित्सक की सलाह से करने पर जोर दिया।
डॉ. संदीप सिंह ने कहा कि आयुर्वेद के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाना आवश्यक है। इसके लिए लोगों को ऋतुचर्या, संतुलित खानपान और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना होगा।
वक्ताओं ने कहा कि भारतीय पर्व प्रकृति से जुड़ने और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का अवसर भी प्रदान करते हैं। अंत में डॉ. विजय जौहरी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।