नशीले इंजेक्शन देकर तस्करी को ले जा रहे लंगुरी बंदरों के मामले में रिपोर्ट दर्ज
टेन न्यूज़ !! ०४ अप्रैल २०२५ !! पप्पू अंसारी, मीरानपुर कटरा/शाहजहांपुर
लखनऊ दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर डिवाइडर से टकराकर क्षतिग्रस्त हुई अल्टो कार में बंधक बनाए गए दस लंगूरों को वन विभाग की टीम अभी तक तलाश नही कर पाई है।घायल दो बंदरो में एक का हाथ टूटा हिने के कारण उपचार चल रहा है जब कि एक बंदर के ठीक होने पर पशु चिकित्सालय से डिस्चार्ज कर दिया गया है।
सामाजिक वनिकीय प्रभाग के दरोगा श्याम सिंह द्वारा अल्टो कार के मालिक जलालाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम कोला अहदपुर निवासी विरेश कुमार की अल्टो कार से फतेहपुर जिले के त्रिलोकीपुर तिलयानी निवासी यासीन के विरुद्ध वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत कहा है कि दस लंगूरों को बोरियों में बंद करके अज्ञात स्थान पर ले जाया जा रहा था।
जिसमे से आठ लँगूर निकल कर भाग गए। और दो घायल लंगूरों का पशु चिकित्सालय पर इलाज चल रहा था।जिसमे एक की हालत ठीक होने पर सामाजिक वनिकीय प्रभाग की अभिरक्षा में दे दिया गया है। जबकि दूसरे लँगूरी का अभी इलाज़ चल रहा है।
पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ0आशीष सिंह ने बताया है कि एक लँगूर का हाथ मे फ़ैक्चर है जिसको सही होने में समय लगेगा। जिसका इलाज जारी है। सामाजिक वनिकीय प्रभाग के द्वारा हादसे में भागे आठ लँगूरी बंदरो की तलाश जारी है। वन रेंजर संजीव जौहरी ने बताया है कि भागे हुए आठ बंदरो का कही कोई पता नही चल रहा है।
वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज अल्टो कार स्वामी विरेश कुमार, चालक यासीन की लोकेशन दिल्ली ने मिली है। थाना प्रभारी निरीक्षक जुगल किशोर पालने कहा है कि पुलिस आरोपियों की तलाश में लगातार संपर्क कर रही है। शीघ्र अभियुक्तों की गिरफ्तारी के बाद घटना का खुलासा किया जाएगा।