नरसिंह भगवान के प्राकट्य एवं हिरण्यकश्यपु उद्धार की कथा से भाव-विभोर हुए श्रद्धालु

टेन न्यूज़ !! १९ फरवरी २०२६ !! संवाददाता – प्रभाष चंद्र ब्यूरो, लोकेशन – कन्नौज, उत्तर प्रदेश
एंकर – गौ सेवा गतिविधि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वावधान में सेठ वासुदेव सहाय इंटर कॉलेज खेल मैदान, कन्नौज में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा अमृत वर्षा के चतुर्थ दिवस पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा वाचन के दौरान साध्वी सत्यप्रभा गिरि ने परीक्षित सुमन मिश्रा के माध्यम से भक्त प्रह्लाद, राजा बलि तथा भगवान नरसिंह के प्राकट्य का अत्यंत मार्मिक प्रसंग सुनाया।
कथा में बताया गया कि जब अत्याचारी हिरण्यकश्यपु ने अपने पुत्र भक्त प्रह्लाद को ईश्वर भक्ति से रोकने के लिए अनेक कष्ट दिए, तब भगवान ने नरसिंह अवतार लेकर भक्त की रक्षा की और अधर्म का अंत किया। जैसे ही नरसिंह भगवान के प्राकट्य और हिरण्यकश्यपु उद्धार का प्रसंग आया, पूरा पंडाल “नरसिंह भगवान की जय” के उद्घोष से गूंज उठा। श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भक्ति रस में डूब गए।
साध्वी जी ने कहा कि सच्ची श्रद्धा और अटूट विश्वास से ही ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है। उन्होंने राजा बलि के त्याग और समर्पण की कथा भी सुनाई, जिससे उपस्थित जनसमूह को धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिली।
कार्यक्रम में अजीत दोहरे, उमाकांत गुप्ता, नरेंद्र यादव, गीता पाठक, अमित दोहरे, अन्नू दुबे और नयन दोहरे का विशेष सहयोग रहा। कथा के अंत में श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से कथा श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त किया।






