कटरा नगर पंचायत व थाने का डीएम ने किया औचक निरीक्षण, खामियों पर दिए सख्त निर्देश आबकारी विभाग ने पुलिस के साथ अवैध शराब के विरुद्ध की छापेमारी, 15 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद 600 लीटर लहन किया गया नष्ट वाँट माप विभाग द्वारा सघन जांच अभियान से व्यापारियों में मची खलबली नगर प्रशासन की उदासीनता से सड़क पर जलभराव स्थानीय लोग परेशान ट्रैक्टर से दीवार तोड़ने का आरोप, विरोध पर मारपीट का मामला दर्ज
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होली मिलन तहज़ीब ए तिलहर 24वाँ कुल हिन्द कवि सम्मेलन व मुशायरा मे कवि व शायरों से समा बांधा

By Ten News One Desk

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होली मिलन तहज़ीब ए तिलहर 24वाँ कुल हिन्द कवि सम्मेलन व मुशायरा मे कवि व शायरों से समा बांधा



टेन न्यूज़ !! २८ फरवरी २०२४ !! अमुक सक्सेना, तिलहर/शाहजहांपुर


तिलहर बीती रात होली मिलन तहज़ीब ए तिलहर 24वाँ कुल हिन्द कवि सम्मेलन व मुशायरा मोहल्ला हिन्दू पट्टी स्थित बरिष्ठ आई पी एस शिव मुरारी सहाय के आवास पर हर वर्ष की भाति तहज़ीब ए तिलहर 24वाँ कुल हिन्द कवि सम्मेलन व मुशायरा का आयोजन किया गया

कार्यक्रम की अध्यक्षता कोटा राजस्थान से आये बरिष्ठ शायर कुंवर जावेद ने की। तथा संचालन दिल्ली से आई शायरा खुशबू शर्मा ने किया ने किया। मुख्य अतिथि विरेन्द्र सिंह रहे
कार्यक्रम शुभआरंभ सहारनपुर से आये शायर सबिर बहेटवी ने किया ।

कुंवर जावेद ने कहा
गीत अमर करदे ऐसे अल्फाज कहाँ से लाऊँ
सोच रहा हूँ तुम जैसी मुमताज कहाँ से लाऊँ।

अजहर इकबाल ‘ ने सुनाया –
जाने वो बच्चे कहाँ किन रास्तों पर खो गए
जो बड़े बूढ़ों को जाते थे नमन करते हुए

हास्य व्यंग के शायर कलीम समर बदायूनी ने कहा – l
एक दरोगा ने कहा थाने मे ये दीवान से
आ गए कल्लन के पैसे छोड़ दो सम्मान से l

सागर मध्य प्रदेश से आये शायर आदर्श दूबे ने सुनाया –
फिर क्यों न गले मिल के गिले शिकवे मिटा लें
लड़ने को अगर कोई भी तैयार नहीं है

आगरा से आये शायर अनवर अमान ने कहा –
जब बात वतन की हो तो सब एक हैँ हम लोग
फिर कोई भी हिन्दू या मुसलमान नही है

मुंबई से आये शायर चन्दन राय ने सुनाया –
मैने कदमों मे दिल बीछया है
चल के जाओ कुचल के मत जाओ
आगरा से आई शायरा शमीम कौसर ने कहा
शहरे कातिल से गुजरना है खुदा खैर करे
देखो पत्थर का ज़िगर है तो मेरे साथ चलो ।

कावित्री ममता वाणी ने कहा –
कंचन मिली ये काया जीवन से प्यार करना
शब्दों की सादगी मे बाणी बहार रखना

इरफान लखनवी ने सुनाया
मसर्रतों के खजाने तलाश करते हैँ
ये बारे गम मेरे शाने तलाश करते हैँ

खुशबू शर्मा ने कहा
अपने माँ बाप की आँखों से उड़ा दूँ नींदें
इतने ऊलझे हुये सपने भी नही देखती मै

साबिर बहेटवी ने सुनाया
दिल के दरवाजे पे रहता है गमों का पहरा
फिर भी कम बख्त teri याद चली आती है

शमशाद आतिफ ने कहा –
इस तरह हिम्मत न हारो जाओ फिर कोशिश करो
तुम ने समझा था मगर आसां नही कर्तव्य पथ l

मुशायरे में कटरा विधायक वीर विक्रम सिह प्रिंस गौरव सहाय प्रदीप गुप्ता राम ओतार गुप्ता डा o अलोक अग्रवाल सौरभ सहाय डाo प्रमोद मिश्र बसीरुद्दीन अमिर मियाँ अनीस हुसेन गुडडू वाजिद तिलहरी भोले खाँ अली जावेद राईन जहीर अहमद ,सगीर खाँ राजीव कश्यप शाहिद अली आदि मौजूद रहे

होली मिलन तहज़ीब ए तिलहर 24वाँ कुल हिन्द कवि सम्मेलन व मुशायरा मे कवि व शायरों से समा बांधा

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टेन न्यूज़ !! २८ फरवरी २०२४ !! अमुक सक्सेना, तिलहर/शाहजहांपुर


तिलहर बीती रात होली मिलन तहज़ीब ए तिलहर 24वाँ कुल हिन्द कवि सम्मेलन व मुशायरा मोहल्ला हिन्दू पट्टी स्थित बरिष्ठ आई पी एस शिव मुरारी सहाय के आवास पर हर वर्ष की भाति तहज़ीब ए तिलहर 24वाँ कुल हिन्द कवि सम्मेलन व मुशायरा का आयोजन किया गया

कार्यक्रम की अध्यक्षता कोटा राजस्थान से आये बरिष्ठ शायर कुंवर जावेद ने की। तथा संचालन दिल्ली से आई शायरा खुशबू शर्मा ने किया ने किया। मुख्य अतिथि विरेन्द्र सिंह रहे
कार्यक्रम शुभआरंभ सहारनपुर से आये शायर सबिर बहेटवी ने किया ।

कुंवर जावेद ने कहा
गीत अमर करदे ऐसे अल्फाज कहाँ से लाऊँ
सोच रहा हूँ तुम जैसी मुमताज कहाँ से लाऊँ।

अजहर इकबाल ‘ ने सुनाया –
जाने वो बच्चे कहाँ किन रास्तों पर खो गए
जो बड़े बूढ़ों को जाते थे नमन करते हुए

हास्य व्यंग के शायर कलीम समर बदायूनी ने कहा – l
एक दरोगा ने कहा थाने मे ये दीवान से
आ गए कल्लन के पैसे छोड़ दो सम्मान से l

सागर मध्य प्रदेश से आये शायर आदर्श दूबे ने सुनाया –
फिर क्यों न गले मिल के गिले शिकवे मिटा लें
लड़ने को अगर कोई भी तैयार नहीं है

आगरा से आये शायर अनवर अमान ने कहा –
जब बात वतन की हो तो सब एक हैँ हम लोग
फिर कोई भी हिन्दू या मुसलमान नही है

मुंबई से आये शायर चन्दन राय ने सुनाया –
मैने कदमों मे दिल बीछया है
चल के जाओ कुचल के मत जाओ
आगरा से आई शायरा शमीम कौसर ने कहा
शहरे कातिल से गुजरना है खुदा खैर करे
देखो पत्थर का ज़िगर है तो मेरे साथ चलो ।

कावित्री ममता वाणी ने कहा –
कंचन मिली ये काया जीवन से प्यार करना
शब्दों की सादगी मे बाणी बहार रखना

इरफान लखनवी ने सुनाया
मसर्रतों के खजाने तलाश करते हैँ
ये बारे गम मेरे शाने तलाश करते हैँ

खुशबू शर्मा ने कहा
अपने माँ बाप की आँखों से उड़ा दूँ नींदें
इतने ऊलझे हुये सपने भी नही देखती मै

साबिर बहेटवी ने सुनाया
दिल के दरवाजे पे रहता है गमों का पहरा
फिर भी कम बख्त teri याद चली आती है

शमशाद आतिफ ने कहा –
इस तरह हिम्मत न हारो जाओ फिर कोशिश करो
तुम ने समझा था मगर आसां नही कर्तव्य पथ l

मुशायरे में कटरा विधायक वीर विक्रम सिह प्रिंस गौरव सहाय प्रदीप गुप्ता राम ओतार गुप्ता डा o अलोक अग्रवाल सौरभ सहाय डाo प्रमोद मिश्र बसीरुद्दीन अमिर मियाँ अनीस हुसेन गुडडू वाजिद तिलहरी भोले खाँ अली जावेद राईन जहीर अहमद ,सगीर खाँ राजीव कश्यप शाहिद अली आदि मौजूद रहे

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