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नोएडा के सेक्टर-18 की कृष्णा अपरा बिल्डिंग में लगी भीषण आग, फायर एनओसी भी नहीं, मालिकों को नोटिस जारी

ByTen News One Desk

Apr 3, 2025
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नोएडा के सेक्टर-18 की कृष्णा अपरा बिल्डिंग में लगी भीषण आग, फायर एनओसी भी नहीं, मालिकों को नोटिस जारी



टेन न्यूज़ !! ०३ मार्च २०२५ !! गीता बाजपेई ब्यूरो, नोएडा


नोएडा का सेक्टर 18 जहां पर सस्ते और अच्छे सामान की मार्केट लगती है यह हमेशा भीड़भाड़ वाला इलाका रहता है ,यहीं पर स्थितआग की चपेट में आई कृष्णा अपरा बिल्डिंग इस बिल्डिंग के ओनर ने सभी नियम और कानून ताक पर रख दिए गए थे। घटना के वक्त 6 में से सिर्फ एक ही एग्जिट गेट खुला था।

ऐसे में लोगों को निकलने का मौका नहीं मिल पाया। अलार्म तक नहीं बजा। बिल्डिंग की फायर एनओसी भी नहीं है। लिहाजा बिल्डिंग को सील कर जांच के लिए कमिटी बना दी गई है। जांच के लिए बिल्डिंग सील होने के कारण इसमें चल रहे अन्य दफ्तर भी फिलहाल बंद हो गए हैं। उनके संचालकों को चिंता सता रही है।

वहीं, पास की 6 इमारतों की भी फायर एनओसी नहीं है। इनके मालिकों को भी नोटिस जारी किए गए हैं। बताया जा रहा है कि सेक्टर-18 में बड़ी संख्या में इमारतों की फायर एनओसी नहीं ली गई है। इनमें कॉरपोरेट ऑफिस, बैंक और मोबाइल सेंटर आदि चलते हैं। यहां सैकड़ों लोग जॉब करते हैं और रोजाना हजारों ग्राहक काम से आते हैं।

सोमवार को इस बिल्डिंग में आग लगने से बड़ी संख्या में लोग फंस गए थे। कुछ लोग खिड़की तोड़कर नीचे कूद गए थे और उन्हें चोटें आई थीं। 17 घायलों को निजी अस्पताल में एडमिट कराया गया है। सभी की हालत खतरे से बाहर है। एक युवती के दोनों पैर में मल्टिपल फ्रैक्चर है।

जांच में पता चला है कि मानक पूरे नहीं करने पर अग्निशमन विभाग ने बिल्डिंग के मालिक को नोटिस दिया था। साथ ही फायर सिस्टम के मानक पूरे करने को कहा गया था, लेकिन नोटिस के बाद भी अनदेखी की गई। अब इस मामले में एक टीम बनाई गई है, जो लापरवाही की रिपोर्ट तैयार करेगी। इसके बाद बिल्डिंग के पानी और बिजली के कनेक्शन काटे जाएंगे। एनओसी नहीं होने के कारण पास की 6 अन्य इमारतों के मालिकों को भी नोटिस दिए गए हैं। अगर उन्होंने भी समय पर मानक नहीं पूरे किए तो कार्रवाई होगी।

सेक्टर-18 मेट्रो स्टेशन के बगल में स्थित 6 इमारतों के नीचे फूड स्टॉल लगे हैं। ऊपर ऑफिस बनाए गए हैं। सभी इमारतों के नीचे फायर सिस्टम तो लगे हैं, लेकिन वे काफी दिनों से उपयोग में नहीं लिए गए हैं। इसके कारण लॉक हो चुके हैं। वहीं, दो इमारतें ऐसी हैं, जहां अगर आग लग जाए तो टीम को पाइप बिछाने में ही काफी समय लग जाएगा। क्योंकि, फूड स्टॉल्स के चलते वहां तक पहुंचने का रास्ता ही नहीं है।

सीएफओ प्रदीप कुमार चौबे ने बताया कि बिल्डिंग में 70 प्रतिशत फायर सिस्टम काम कर रहा है, लेकिन सुरक्षा कर्मियों को आपदा के दौरान रेस्क्यू करने और सिस्टम चलाने की ट्रेनिंग नहीं दी गई थी। ऐसे में वे रेस्क्यू करने के बजाय खुद ही भाग निकले।

सीएफओ ने बताया कि जिस बिल्डिंग में आग लगी थी, उसमें छह एक्जिट गेट हैं, लेकिन सिर्फ एक ही खुला रहता है। आग लगने के दौरान 5 एक्जिट गेट बंद थे। लिहाजा लोग फंस गए। उन्हें निकलने का रास्ता नहीं मिला। गेटों को कटर से काटना पड़ा। तब जाकर लोगों को सही सलामत निकाला गया।

बिल्डिंग में फायर सिस्टम और सुरक्षा व्यवस्था की कमी के कारण कुछ दिन पहले ही 6 कंपनी और दफ्तर संचालक दूसरी जगह शिफ्ट हो गए थे। यहां रियल स्टेट कंपनी का ऑफिस चलाने वाले शख्स ने बुधवार को बताया कि कई बार बिल्डिंग की रिपेयरिंग के लिए शिकायत की गई। दूसरे ऑफिस मालिकों से एसी सर्विस कराने के लिए कहा गया था, लेकिन वे अनदेखी करते रहे और यह घटना हो गई।

अग्निशमन विभाग ने 15 मीटर से ऊंची बिल्डिंग में आग से बचाव के मानक तय किए हैं। विभाग की टीम मौके पर जाकर चेक करती है और मानक पूरे मिलने पर एनओसी जारी की जाती है। उपकरण चलाने के लिए कर्मचारियों की ट्रेनिंग हुई है या नहीं, यह भी देखा जाता है।

अग्निशमन विभाग अब उन इमारतों की भी जांच करेगा, जिन्होंने कभी फायर एनओसी के लिए आवेदन ही नहीं किया है। इसके लिए बुधवार को नोएडा अथॉरिटी से मल्टिस्टोरी बिल्डिंग की लिस्ट ली गई। इसके आधार पर सभी की जांच की जाएगी।

भविष्य में इस तरह की कार्यवाही से लोग सचेत हो जाएंगे ताकि दोबारा इस तरह से हादसा ना हो सके। उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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