बनबसा में धामी कैबिनेट के बड़े फैसले, नजूल भूमि होगी नियमित; 24 प्रस्तावों पर लगी मुहर

टेन न्यूज़ !! ०५ अक्टूबर २०२६ !! अंश कुमार गुप्ता ब्यूरो
उधमसिंह नगर /चंपावत। भारत-नेपाल सीमा से सटे बनबसा में पहली बार आयोजित उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में राज्यहित से जुड़े करीब 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में नजूल भूमि के नियमितीकरण, वन भूमि हस्तांतरण, युवाओं के कौशल विकास, किसानों और पशुपालकों की सहायता तथा सरकारी कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर अहम निर्णय लिए गए।
कैबिनेट का प्रमुख फैसला प्रदेश में नजूल भूमि के नियमितीकरण को लेकर अभियान चलाने का रहा। इसके तहत खटीमा और बनबसा समेत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद नजूल भूमि के नियमितीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार के इस निर्णय से लंबे समय से नजूल भूमि के नियमितीकरण की प्रतीक्षा कर रहे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक एनएचपीसी बनबसा, चंपावत में आयोजित की गई। बैठक में राज्य के विकास और जनहित से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा के बाद अनुमोदन प्रदान किया गया।
वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया होगी मजबूत
कैबिनेट ने वन भूमि हस्तांतरण से जुड़े मामलों के तकनीकी परीक्षण, ऑनलाइन संरेखण के परीक्षण और नोडल कार्यालय को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इससे वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित प्रकरणों के निस्तारण में तेजी आने की उम्मीद है।
बैठक में युवाओं के कौशल विकास को बढ़ावा देने, किसानों एवं पशुपालकों को सहायता उपलब्ध कराने तथा सरकारी कर्मचारियों की संपत्ति से संबंधित विवरणों को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बनबसा में आयोजित इस कैबिनेट बैठक को सीमांत क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि कैबिनेट में लिए गए फैसलों का उद्देश्य राज्य के विकास को गति देने के साथ-साथ विभिन्न वर्गों को राहत और सुविधाएं उपलब्ध कराना है।