शाहजहांपुर : तिलहर में 12 दिन बाद भी दलित नाबालिग चचेरी बहनों का सुराग नहीं, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

टेन न्यूज़ !! १२ जनवरी २०२६ !! अमुक सक्सेना, तिलहर (शाहजहांपुर)।
तिलहर नगर से लापता हुई दो दलित नाबालिग चचेरी-तहेरी बहनों के मामले में पुलिस को 12 दिन बीत जाने के बाद भी कोई ठोस सफलता नहीं मिल सकी है। किशोरियों के न मिलने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। दोनों बच्चियों की मां सदमे में हैं और बताया जा रहा है कि उन्होंने कई दिनों से ठीक से खाना-पीना तक छोड़ दिया है।
गौरतलब है कि बीती 29 दिसंबर की सुबह करीब नौ बजे नगर के मोहल्ला निजामगंज निवासी एक दलित परिवार की 14 वर्षीय बेटी और उसके बड़े भाई की नाबालिग बेटी जीजीआईसी स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकली थीं। इसके बाद न तो वे स्कूल पहुंचीं और न ही घर वापस लौटीं। काफी तलाश के बाद परिजनों ने कोतवाली तिलहर में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मामले में तत्कालीन कोतवाल राकेश कुमार सिंह ने क्षेत्राधिकारी ज्योति यादव के सानिध्य में नगर के कई सीसीटीवी कैमरे खंगाले थे। जांच के दौरान मुख्य चौराहे स्थित एक दुकान के सीसीटीवी फुटेज में दोनों किशोरियां एक ई-रिक्शा में बैठकर बाईपास की ओर जाती हुई दिखाई दी थीं। इसके बाद पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने किशोरियों की बरामदगी के लिए कोतवाली पुलिस के साथ-साथ एसओजी टीम को भी सक्रिय किया, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है।
परिजनों की मदद के लिए बसपा जिलाध्यक्ष उदयवीर सिंह समर्थकों के साथ कोतवाली पहुंचे और नवागत कोतवाल जुगल किशोर पाल से मुलाकात कर शीघ्र बरामदगी की मांग की। हालांकि 12 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं, जिससे परिजनों में आक्रोश और निराशा लगातार बढ़ती जा रही है।






