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“आस्था का मज़ाक उड़ाने वाले अब परेशान” सीएम योगी का अखिलेश यादव पर तीखा प्रहार

By Ten News One Desk

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“आस्था का मज़ाक उड़ाने वाले अब परेशान” सीएम योगी का अखिलेश यादव पर तीखा प्रहार



टेन न्यूज़, लखनऊ, 20 अक्तूबर 2025।


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि “जिन लोगों ने कभी आस्था का मज़ाक उड़ाया और अयोध्या की सड़कों को राम भक्तों व कारसेवकों के खून से रंग दिया, वे अब 26 लाख दीपों की रोशनी से परेशान हैं।”

सीएम योगी रविवार को रामकथा पार्क, अयोध्या में आयोजित भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े पूज्य संतों का सम्मान भी किया।

योगी ने कहा कि स्थानीय प्रजापति और कुम्हार समुदायों द्वारा बनाए गए दीपक न केवल भक्ति और आस्था के प्रतीक हैं, बल्कि हजारों परिवारों के लिए रोज़गार का साधन भी बने हैं। उन्होंने कहा, “यह दीप सिर्फ़ पूजा का हिस्सा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की भावना को भी उजागर करते हैं — यही बात राम-द्वेषी मानसिकता वालों को स्वीकार नहीं हो रही।”

सीएम का यह बयान अखिलेश यादव की उस टिप्पणी के जवाब में आया है जिसमें उन्होंने दीपावली पर दीये और मोमबत्तियां जलाने पर खर्च को लेकर सवाल उठाए थे। अखिलेश ने कहा था कि “जैसे विदेशों में क्रिसमस पर महीनों रोशनी रहती है, वैसे ही भारत में भी हमें सोच बदलनी चाहिए।”

अखिलेश के इस बयान पर भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “पूरा देश दीपावली का पर्व उत्साहपूर्वक मना रहा है, ऐसे में अखिलेश यादव का यह बयान आस्था और सनातन परंपराओं का अपमान है।”

भाजपा नेताओं ने इसे “रामभक्तों का अपमान” बताते हुए सपा पर हिंदू आस्था पर राजनीति करने का आरोप लगाया। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दीपोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और आत्मगौरव का प्रतीक है।

बिहार और अन्य राज्यों में चुनावी माहौल के बीच यह राजनीतिक बयानबाज़ी अब नया रंग ले रही है। भाजपा इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है, जबकि सपा इसे “राजनीतिक नाटक” बता रही है।

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टेन न्यूज़, लखनऊ, 20 अक्तूबर 2025।


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि “जिन लोगों ने कभी आस्था का मज़ाक उड़ाया और अयोध्या की सड़कों को राम भक्तों व कारसेवकों के खून से रंग दिया, वे अब 26 लाख दीपों की रोशनी से परेशान हैं।”

सीएम योगी रविवार को रामकथा पार्क, अयोध्या में आयोजित भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े पूज्य संतों का सम्मान भी किया।

योगी ने कहा कि स्थानीय प्रजापति और कुम्हार समुदायों द्वारा बनाए गए दीपक न केवल भक्ति और आस्था के प्रतीक हैं, बल्कि हजारों परिवारों के लिए रोज़गार का साधन भी बने हैं। उन्होंने कहा, “यह दीप सिर्फ़ पूजा का हिस्सा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की भावना को भी उजागर करते हैं — यही बात राम-द्वेषी मानसिकता वालों को स्वीकार नहीं हो रही।”

सीएम का यह बयान अखिलेश यादव की उस टिप्पणी के जवाब में आया है जिसमें उन्होंने दीपावली पर दीये और मोमबत्तियां जलाने पर खर्च को लेकर सवाल उठाए थे। अखिलेश ने कहा था कि “जैसे विदेशों में क्रिसमस पर महीनों रोशनी रहती है, वैसे ही भारत में भी हमें सोच बदलनी चाहिए।”

अखिलेश के इस बयान पर भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “पूरा देश दीपावली का पर्व उत्साहपूर्वक मना रहा है, ऐसे में अखिलेश यादव का यह बयान आस्था और सनातन परंपराओं का अपमान है।”

भाजपा नेताओं ने इसे “रामभक्तों का अपमान” बताते हुए सपा पर हिंदू आस्था पर राजनीति करने का आरोप लगाया। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दीपोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और आत्मगौरव का प्रतीक है।

बिहार और अन्य राज्यों में चुनावी माहौल के बीच यह राजनीतिक बयानबाज़ी अब नया रंग ले रही है। भाजपा इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है, जबकि सपा इसे “राजनीतिक नाटक” बता रही है।

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