औरैया में आखिर कब तक संचालित होते रहेंगे अवैध मानक विहीन अस्पताल
मौत के सौदागर बने अस्पतालों के खिलाफ लगातार उठ रही आवाज अक्सर होती मौतें
अधिकारियों की नियत पर उठ रहे सवाल जन स्वास्थ्य के साथ हो रहा खिलवाड़
टेन न्यूज़ ii 17 फरवरी 2026 रामजी पोरवाल ब्यूरो, औरैया।
क्षेत्र में इन दिनों तमाम पंजीकृत मानक विहीन निजी क्लिनिक,अस्पताल की बाढ़ आई हुई है। चिकित्सा के नाम पर मोटाधन कमाने की लालसा में बिना डिग्री, डिप्लोमा वाले तमाम तथाकथित स्वास्थ्य माफिया, धन्नासेठ संबंधित अधिकारियों की सांठगांठ से नामी डॉक्टरों के नाम से अपने क्लिनिक, अस्पताल, हॉस्पिटल मरीजों को अपने माया जाल में फंसा कर उनका मनमाने तरीके से शोषण करने के साथ उनके स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं।
आए दिन इन मानकविहीन क्लीनिक, अस्पतालों में प्रसव और अन्य उपचार आदि के दौरान मौतें होने पर आए दिन हंगामा होने के साथ खानापूर्ति के लिए हॉस्पिटलों को सीज भी कर दिया जाता है लेकिन कुछ ही दिनों बाद यह हॉस्पिटल फिर से खुल जाते हैं जिससे जनस्वास्थ्य के साथ लगातार हो रहे खिलवाड़ से क्षेत्रीय बुद्धिजीवी बेहद चिंतित हैं।
मानकविहीन इन तथाकथित अस्पतालों के विरुद्ध लगातार आवाज उठाई जाने के बावजूद संबंधित जिम्मेदार आंखें मूंदे हुए हैं जिससे संबंधित अधिकारियों की नियत पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहा है।
इन दिनों बिधूना नगर के साथ ही अछल्दा, नेविलगंज, रुरुगंज, रामगढ़, हरचंदपुर, सहार, कंचौसी, ऐरवाकटरा, उमरैन, याकूबपुर, बेला,मल्हौसी, वैवाह,कुदरकोट, चंदरपुर, बंथरा, रठगांव कीरतपुर आदि कस्बों गांवों में चिकित्सा सेवा से दूर-दूर तक कोई सरोकार न रखने वाले तमाम तथाकथित पत्रकारों, स्वास्थ्य माफिया, धन्नासेठों द्वारा चिकित्सा के माध्यम से धन कमाने की मंशा से बिना डिप्लोमा डिग्री के ही मानकविहीन क्लीनिक खोलकर मरीजों का मनमाने तरीके से शोषण करने से भी नहीं चूकते।
इन मानक विहीन अवैध रूप से संचालित अस्पतालों में कोई डिग्री मौजूद नहीं रहती है, सिर्फ नीम हकीम झोलाछाप डॉक्टरों के माध्यम से ही महिलाओं के प्रसव आदि कराने के साथ बड़े-बड़े ऑपरेशनों को भी अंजाम दिए जाने की चर्चा है।
यही नहीं इन अवैध मानक विहीन हॉस्पिटलों में संबंधित संचालकों द्वारा जांच आदि की भी सभी मशीनें किटें मेडिकल स्टोर बिना किसी आधिकारिक अनुमति के स्वयं उपलब्ध करा कर मरीजों का सरेआम शोषण किया जा रहा है।
इन मानकविहीन अवैध कई अस्पतालों में प्रसव आदि के दौरान कई बार कभी जच्चा की तो कभी बच्चा की मौतें भी हो जाती है और इन मौतों पर अस्पतालों में जमकर हंगामे भी होते हैं और रिपोर्टें भी दर्ज हुई साथ ही अवैध क्लीनिक, अस्पताल सीज भी किए गए,
और कुछ क्लिनिक पर नोटिस भी चस्पा भी किए गए लेकिन कुछ ही दिनों बाद ही फिर से संचालित हो जाते हैं, अवैध रूप से संचालित होते क्लिनिक में कुछ महिलाएं अबला नारी बनकर प्रशासनिक अधिकारियों को गुमराह करने में भी नहीं चूकते, जो संबंधित जिम्मेदारों की सांठगांठ से स्वास्थ्य माफिया बेखौफ होकर चिकित्सा के नाम पर मरीजों का मनमाना शोषण करने में सरेआम लिप्त नजर आ रहे।
अवैध रूप से संचालित इन मानक विभिन्न क्लिनिक,अस्पताल की जांच व कार्यवाही के लिए सरकार द्वारा नोडल अधिकारी भी नियुक्त कर दिए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद किसी भी अवैध मौत के सौदागर पर कोई प्रभावी कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही है, जिससे संबंधित जिम्मेदारों की नियत पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहा है।
जनचर्चा तो आम यह है कि संबंधित जिम्मेदारों द्वारा अवैध क्लीनिक, अस्पताल, हॉस्पिटल संचालकों से मोटी बधौरी वसूली जा रही है शायद इसी कारण इस पर अंकुश नहीं लग रहा है।
मानकविहीन अवैध क्लीनिक,अस्पताल संचालकों द्वारा जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और मरीज के शोषण से चिंतित क्षेत्रीय बुद्धिजीवियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व मुख्य सचिव से मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की पुनः मांग की है।





