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दो वर्षों की न्यायिक लड़ाई के बाद केंद्रीय विद्यालय संगठन में चयनित शिक्षकों को मिला न्याय

By Ten News One Desk

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दो वर्षों की न्यायिक लड़ाई के बाद केंद्रीय विद्यालय संगठन में चयनित शिक्षकों को मिला न्याय



तिलहर की साक्षी गुप्ता बनीं संघर्ष और दृढ़ निश्चय की मिसाल


साक्षी को छत्तीसगढ़ राज्य में मिली पहली तैनाती


टेन न्यूज़ !! २४ जून २०२५ !! अमुक सक्सेना, तिलहर/शाहजहांपुर


शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लाखों युवाओं के लिए यह समय न्याय, उम्मीद और आत्म सम्मान की एक ऐतिहासिक उपलब्धि लेकर आया है। केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) जो कि भारत सरकार (Central Government) के अधीन संचालित एक राष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक संस्था द्वारा प्राथमिक शिक्षक (PRT) पद पर दो वर्ष पूर्व चयनित अभ्यर्थियों को अब न्यायिक आदेशों के पश्चात नियुक्ति पत्र प्रदान कर दिए गए हैं। इस ऐतिहासिक क्षण में तिलहर की गौरवशाली बेटी और बहू साक्षी गुप्ता ने तिलहर नाम रोशन किया है।

साक्षी गुप्ता नगर के मोहल्ला कच्चा कटरा निवासी सुधीर कुमार गुप्ता की बेटी और मोहल्ला दातागंज निवासी दयाराम गुप्ता के बेटे प्रिंस गुप्ता की पत्नी हैं । साक्षी का चयन 28 नवम्बर 2023 को केंद्रीय विद्यालय संगठन में प्राथमिक शिक्षक के पद पर हुआ था।

हालाँकि उसी दिन माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा NIOS से डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (D.El.Ed.) करने वाले अभ्यर्थियों की योग्यता को अस्वीकार कर दिया गया था । जिससे देशभर में लगभग 2.5 लाख चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्तियाँ रोक दी गईं थीं ।

28 दिसंबर 2024 को सर्वोच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में यह स्पष्ट कर दिया कि NIOS से D.El.Ed. धारक अभ्यर्थी पूर्णतः वैध और नियुक्ति योग्य हैं। इसके बावजूद सैकड़ों अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी गई, जिनमें साक्षी गुप्ता भी शामिल थीं।

साक्षी गुप्ता ने न केवल केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) में याचिका के माध्यम से आवाज़ उठाई । अंततः उनकी विजय हुई । सभी पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया ।

साक्षी गुप्ता ने यह सिद्ध किया कि विपरीत परिस्थितियाँ भी किसी स्त्री की दृढ़ इच्छाशक्ति के सामने टिक नहीं सकतीं। उनका संघर्ष, समर्पण और सफलता आज की युवा पीढ़ी विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा दायक है। यह सफलता केवल एक नियुक्ति नहीं, बल्कि उस विश्वास की जीत है जो न्याय, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के पक्ष में खड़ा होता है।

दो वर्षों की न्यायिक लड़ाई के बाद केंद्रीय विद्यालय संगठन में चयनित शिक्षकों को मिला न्याय

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तिलहर की साक्षी गुप्ता बनीं संघर्ष और दृढ़ निश्चय की मिसाल


साक्षी को छत्तीसगढ़ राज्य में मिली पहली तैनाती


टेन न्यूज़ !! २४ जून २०२५ !! अमुक सक्सेना, तिलहर/शाहजहांपुर


शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लाखों युवाओं के लिए यह समय न्याय, उम्मीद और आत्म सम्मान की एक ऐतिहासिक उपलब्धि लेकर आया है। केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) जो कि भारत सरकार (Central Government) के अधीन संचालित एक राष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक संस्था द्वारा प्राथमिक शिक्षक (PRT) पद पर दो वर्ष पूर्व चयनित अभ्यर्थियों को अब न्यायिक आदेशों के पश्चात नियुक्ति पत्र प्रदान कर दिए गए हैं। इस ऐतिहासिक क्षण में तिलहर की गौरवशाली बेटी और बहू साक्षी गुप्ता ने तिलहर नाम रोशन किया है।

साक्षी गुप्ता नगर के मोहल्ला कच्चा कटरा निवासी सुधीर कुमार गुप्ता की बेटी और मोहल्ला दातागंज निवासी दयाराम गुप्ता के बेटे प्रिंस गुप्ता की पत्नी हैं । साक्षी का चयन 28 नवम्बर 2023 को केंद्रीय विद्यालय संगठन में प्राथमिक शिक्षक के पद पर हुआ था।

हालाँकि उसी दिन माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा NIOS से डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (D.El.Ed.) करने वाले अभ्यर्थियों की योग्यता को अस्वीकार कर दिया गया था । जिससे देशभर में लगभग 2.5 लाख चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्तियाँ रोक दी गईं थीं ।

28 दिसंबर 2024 को सर्वोच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में यह स्पष्ट कर दिया कि NIOS से D.El.Ed. धारक अभ्यर्थी पूर्णतः वैध और नियुक्ति योग्य हैं। इसके बावजूद सैकड़ों अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी गई, जिनमें साक्षी गुप्ता भी शामिल थीं।

साक्षी गुप्ता ने न केवल केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) में याचिका के माध्यम से आवाज़ उठाई । अंततः उनकी विजय हुई । सभी पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया ।

साक्षी गुप्ता ने यह सिद्ध किया कि विपरीत परिस्थितियाँ भी किसी स्त्री की दृढ़ इच्छाशक्ति के सामने टिक नहीं सकतीं। उनका संघर्ष, समर्पण और सफलता आज की युवा पीढ़ी विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा दायक है। यह सफलता केवल एक नियुक्ति नहीं, बल्कि उस विश्वास की जीत है जो न्याय, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के पक्ष में खड़ा होता है।

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