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विधायक पूजा पाल की BSP में होगी वापसी? प्रयागराज में नीले होर्डिंग से तेज हुई सियासी चर्चाएं

By Ten News One Desk

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विधायक पूजा पाल की BSP में होगी वापसी? प्रयागराज में नीले होर्डिंग से तेज हुई सियासी चर्चाएं



टेन न्यूज़ !! २५ अगस्त २०२५ !! सोशल मीडिया डेस्क@प्रयागराज।


धूमनगंज के सुलेम सराय इलाके में लगे एक नीले रंग के होर्डिंग ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। दधिकांदो मेले को लेकर लगाए गए इस होर्डिंग में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर है और यह समाजवादी पार्टी से निष्कासित विधायक पूजा पाल के नाम से जारी किया गया है। चूंकि नीला रंग बसपा की पहचान से जुड़ा है, ऐसे में राजनीतिक गलियारों में इसे पूजा पाल की संभावित वापसी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

बता दें कि पूजा पाल 2007 और 2012 में प्रयागराज पश्चिमी सीट से बसपा विधायक रह चुकी हैं। साल 2019 में उन्होंने सपा ज्वाइन की और 2022 का चुनाव चायल सीट से सपा प्रत्याशी के रूप में लड़ा। लेकिन समय के साथ उनका सपा नेतृत्व से टकराव बढ़ता गया। राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग और हाल ही में यूपी विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खुलकर तारीफ करने के बाद उन्हें सपा से निष्कासित कर दिया गया।

सियासी हलकों में लंबे समय से उनके बीजेपी में शामिल होने की भी चर्चा है, क्योंकि वह कई बार मुख्यमंत्री योगी और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात कर चुकी हैं। लोकसभा चुनाव में उनके ऊपर बीजेपी प्रत्याशी के पक्ष में अप्रत्यक्ष प्रचार करने का आरोप भी लगा था।

लेकिन अब प्रयागराज में लगे इस नीले रंग के होर्डिंग के बाद नए सियासी समीकरण बनते दिख रहे हैं। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह बसपा की ओर उनके झुकाव का इशारा हो सकता है। हालांकि, अभी तक पूजा पाल की तरफ से इस बारे में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

यानी, फिलहाल यह साफ नहीं है कि उनका अगला राजनीतिक कदम बीजेपी की ओर होगा या फिर बसपा की ओर वापसी। लेकिन इतना तय है कि एक होर्डिंग ने यूपी की राजनीति में नई चर्चा जरूर छेड़ दी है।

विधायक पूजा पाल की BSP में होगी वापसी? प्रयागराज में नीले होर्डिंग से तेज हुई सियासी चर्चाएं

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टेन न्यूज़ !! २५ अगस्त २०२५ !! सोशल मीडिया डेस्क@प्रयागराज।


धूमनगंज के सुलेम सराय इलाके में लगे एक नीले रंग के होर्डिंग ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। दधिकांदो मेले को लेकर लगाए गए इस होर्डिंग में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर है और यह समाजवादी पार्टी से निष्कासित विधायक पूजा पाल के नाम से जारी किया गया है। चूंकि नीला रंग बसपा की पहचान से जुड़ा है, ऐसे में राजनीतिक गलियारों में इसे पूजा पाल की संभावित वापसी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

बता दें कि पूजा पाल 2007 और 2012 में प्रयागराज पश्चिमी सीट से बसपा विधायक रह चुकी हैं। साल 2019 में उन्होंने सपा ज्वाइन की और 2022 का चुनाव चायल सीट से सपा प्रत्याशी के रूप में लड़ा। लेकिन समय के साथ उनका सपा नेतृत्व से टकराव बढ़ता गया। राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग और हाल ही में यूपी विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खुलकर तारीफ करने के बाद उन्हें सपा से निष्कासित कर दिया गया।

सियासी हलकों में लंबे समय से उनके बीजेपी में शामिल होने की भी चर्चा है, क्योंकि वह कई बार मुख्यमंत्री योगी और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात कर चुकी हैं। लोकसभा चुनाव में उनके ऊपर बीजेपी प्रत्याशी के पक्ष में अप्रत्यक्ष प्रचार करने का आरोप भी लगा था।

लेकिन अब प्रयागराज में लगे इस नीले रंग के होर्डिंग के बाद नए सियासी समीकरण बनते दिख रहे हैं। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह बसपा की ओर उनके झुकाव का इशारा हो सकता है। हालांकि, अभी तक पूजा पाल की तरफ से इस बारे में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

यानी, फिलहाल यह साफ नहीं है कि उनका अगला राजनीतिक कदम बीजेपी की ओर होगा या फिर बसपा की ओर वापसी। लेकिन इतना तय है कि एक होर्डिंग ने यूपी की राजनीति में नई चर्चा जरूर छेड़ दी है।

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