चाय बागान की बेटी बनी डॉक्टर, संघर्षों को हराकर एलिच तप्ना ने रचा इतिहास
टेन न्यूज ii 07 मई 2027 ii प्रशांत वैश्य ब्यूरो, सोनितपुर
असम |
एलिच तप्ना ने असम के शोणितपुर जिले की शहीद नगरी ढेकियाजुली का नाम रोशन करते हुए एमबीबीएस अंतिम परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उन्होंने पूरे असम में 86वां स्थान तथा सिलचर मेडिकल कॉलेज में पांचवां स्थान प्राप्त कर क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।
चाय बागान में पली-बढ़ी एलिच तप्ना की सफलता संघर्ष और मेहनत की मिसाल बन गई है। उन्होंने बिना किसी कोचिंग के नीट परीक्षा उत्तीर्ण कर एमबीबीएस में प्रवेश हासिल किया था। पिता के निधन के बाद आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और ट्यूशन पढ़ाकर अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने के साथ-साथ अपनी माता की भी सहायता की।
एलिच ने बीएससी और एमएससी की पढ़ाई पूरी करने के बाद अब डॉक्टर बनने का सपना भी साकार कर लिया है। उन्होंने भविष्य में मेडिसिन विभाग में चिकित्सक बनकर समाज सेवा करने की इच्छा जताई है।
उनकी इस उपलब्धि पर ढेकियाजुली प्रेस क्लब के अध्यक्ष भगवान वैश्य, पत्रकार सुरक्षा समिति असम के मुख्य संयोजक प्रशांत वैश्य, संयोजक जाहेद लाली, पंकज कुमार नाथ, ढेकियाजुली खंड प्राथमिक शिक्षक सम्मेलन के कार्यवाहक महासचिव बुधन चंद्र राभा, शिक्षा एवं सांस्कृतिक सचिव ओम प्रकाश दर्जी, केहेरुखंदा हाईस्कूल के प्रधानाचार्य अशोक कुर्मी तथा आदिवासी छात्र संघ की शोणितपुर जिला समिति के अध्यक्ष आनंद तांतिया ने उन्हें शुभकामनाएँ एवं बधाई दी है।
रिपोर्ट: प्रशांत वैश्य
