अंशुल पांडेय हादसा प्रकरण: आरोपी महिला डॉक्टर को न छोड़ने की मांग पर कोतवाली में हंगामा

पूर्व विधायक के समझाने पर शांत हुए परिजन, पुलिस जांच जारी
टेन न्यूज़ !! १५ जून २०२६ !! अमुक सक्सेना
तिलहर/शाहजहांपुर । हाईवे पर हुए सड़क हादसे में युवक अंशुल पांडेय की मौत के मामले में आरोपी महिला चालक डॉक्टर का शांति भंग में चालान किए जाने से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने शनिवार देर रात कोतवाली में जमकर हंगामा किया। पुलिस अधिकारियों के समझाने पर मामला शांत हुआ, लेकिन रविवार को एक बार फिर आक्रोशित परिजन कोतवाली पहुंच गए और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए।
गौरतलब है कि शनिवार सुबह हाईवे स्थित भक्सी तिराहे पर हुए भीषण सड़क हादसे में रुजवारी गांव निवासी अंशुल पांडेय की दर्दनाक मौत हो गई थी। घटना के बाद ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि मामले में कार चालक महिला चिकित्सक डॉ. अंकिता कपूर को कोतवाली लाए जाने के दौरान दरोगा जगेंद्र प्रताप सिंह ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इसे लेकर ग्रामीणों ने हाईवे पर जाम भी लगाया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने दरोगा जगेंद्र प्रताप सिंह को लाइन हाजिर कर दिया था तथा पूरे प्रकरण की जांच सीओ इशिका सिंह को सौंपी गई है।
पोस्टमार्टम के बाद भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अंशुल पांडेय का शव गांव पहुंचा। परिजनों ने आरोपी महिला चालक को जेल भेजे जाने तक अंतिम संस्कार न करने की बात कही। पुलिस अधिकारियों द्वारा कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद ही अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
बताया जाता है कि देर रात परिजनों को जानकारी मिली कि आरोपी महिला चालक का केवल शांति भंग की धाराओं में चालान किया गया है। इससे नाराज परिजन और ग्रामीण कोतवाली पहुंच गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया और लोगों को घर भेजा।
रविवार सुबह मृतक के पिता अजीत पांडेय समर्थकों और ग्रामीणों के साथ पुनः कोतवाली पहुंचे तथा आरोपी महिला चिकित्सक को गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग की। इस दौरान कुछ लोगों की पुलिसकर्मियों से नोकझोंक भी हुई।
मामले की जानकारी मिलने पर पूर्व विधायक रोशनलाल वर्मा भी कोतवाली पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया तथा जांच प्रक्रिया पर भरोसा रखने की अपील की। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।