सितारगंज कोतवाली प्रभारी सुंदरम शर्मा ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति किया जागरूक

सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास में आयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव की दी जानकारी
टेन न्यूज़ !! २७ अक्टूबर २०२६ !! अंश कुमार गुप्ता, ब्यूरो, ऊधम सिंह नगर, उत्तराखंड।
सितारगंज। विद्यार्थियों को साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सितारगंज स्थित सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सितारगंज कोतवाली प्रभारी सुंदरम शर्मा ने पहुंचकर छात्र-छात्राओं को महत्वपूर्ण जानकारियां दीं और सुरक्षित जीवन जीने के लिए जागरूक किया।
कार्यक्रम के दौरान कोतवाली प्रभारी ने विद्यार्थियों को वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि डिजिटल युग में मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। छोटी-सी लापरवाही भी ऑनलाइन धोखाधड़ी का कारण बन सकती है।
अनजान व्यक्ति से साझा न करें निजी जानकारी
सुंदरम शर्मा ने विद्यार्थियों को समझाया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना पासवर्ड, ओटीपी या अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, अनजान कॉल पर भरोसा करने और इंटरनेट पर व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी विद्यार्थी के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी होती है या उसे कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है, तो इसकी जानकारी तुरंत अपने अभिभावकों, शिक्षकों या पुलिस को देनी चाहिए। जागरूकता और सतर्कता से साइबर अपराधों से बचाव किया जा सकता है।
नशे से दूर रहकर शिक्षा पर दें ध्यान
कोतवाली प्रभारी ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में भी विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। विद्यार्थियों को नशे से दूर रहकर अपनी पढ़ाई, लक्ष्य और व्यक्तित्व विकास पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने बच्चों को अच्छे संस्कार अपनाने, अनुशासन में रहने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी देश का भविष्य है, इसलिए बच्चों को ऐसी आदतों से बचना चाहिए जो उनके जीवन और भविष्य को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
गलत व्यवहार होने पर चुप न रहें विद्यार्थी
सुंदरम शर्मा ने छात्र-छात्राओं को यह भी समझाया कि यदि कोई व्यक्ति उनके साथ गलत व्यवहार करता है या उन्हें किसी प्रकार से परेशान करता है, तो वे डरें नहीं और न ही चुप रहें। ऐसी स्थिति में तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षकों या पुलिस को जानकारी दें, ताकि समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में सुरक्षा, जागरूकता और आत्मविश्वास की भावना विकसित करना रहा। इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम बच्चों को साइबर अपराधों से बचाने और नशामुक्त जीवन के प्रति प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बाइट: पूजा श्रीवास्तव, अध्यापिका
TEN NEWS | सितारगंज, उत्तराखंड
रिपोर्टर: अंश कुमार गुप्ता