पार्ले-जी श्रमिकों के बकाया बोनस की मांग, आजाद समाज पार्टी ने प्रबंधन को दिया अल्टीमेटम

2018 से बोनस नहीं मिलने का आरोप, दीपावली से पहले भुगतान नहीं हुआ तो तेज होगा आंदोलन
टेन न्यूज़ !! २७ अक्टूबर २०२६ !! अंश कुमार गुप्ता ब्यूरो, ऊधम सिंह नगर, उत्तराखंड।
सितारगंज। पार्ले-जी कंपनी के श्रमिकों के बकाया बोनस के भुगतान की मांग को लेकर आजाद समाज पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। श्रमिकों की समस्याओं को लेकर मंगलवार को सितारगंज के वीरेंद्र नगर स्थित आजाद समाज पार्टी कार्यालय में बैठक हुई। इस दौरान कंपनी के लगभग 70 श्रमिकों ने पहुंचकर अपनी समस्याएं पार्टी नेतृत्व के सामने रखीं और ज्ञापन के माध्यम से बकाया बोनस का भुगतान कराने की मांग उठाई।
श्रमिकों का आरोप है कि वर्ष 2018 से उन्हें बोनस का भुगतान नहीं किया जा रहा है। कई वर्षों से लंबित इस भुगतान के कारण श्रमिकों में नाराजगी है। उनका कहना है कि वे लगातार अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं।
दीपावली से पहले भुगतान की मांग
इस मामले में भीम आर्मी के पूर्व जिलाध्यक्ष सत्येन्द्र कुमार ने श्रमिकों की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने कंपनी प्रबंधन से बकाया बोनस का भुगतान जल्द से जल्द करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दीपावली से पहले श्रमिकों को उनका बकाया बोनस नहीं मिला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
सत्येन्द्र कुमार ने कहा कि श्रमिक किसी भी औद्योगिक इकाई की रीढ़ होते हैं। उनके परिश्रम से ही कंपनी का उत्पादन और कारोबार आगे बढ़ता है। ऐसे में श्रमिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाना चाहिए।
2018 से बोनस नहीं मिलने का आरोप
श्रमिकों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2018 से बोनस का भुगतान बंद है। उनका कहना है कि जब भी वे अपने बकाया भुगतान और अधिकारों को लेकर कंपनी प्रबंधन से बात करते हैं, तो उन्हें कथित तौर पर आश्वासन देकर वापस भेज दिया जाता है। इससे श्रमिकों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।
श्रमिकों ने पार्टी नेतृत्व से इस मामले में हस्तक्षेप कर कंपनी प्रबंधन तक उनकी मांग पहुंचाने और बकाया भुगतान सुनिश्चित कराने में सहयोग करने की अपील की।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
आजाद समाज पार्टी ने श्रमिकों की मांगों का समर्थन करते हुए प्रबंधन से मामले का शीघ्र समाधान करने की अपील की है। पार्टी की ओर से स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि निर्धारित समय तक बोनस का भुगतान नहीं किया गया, तो श्रमिकों के साथ मिलकर आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।
फिलहाल श्रमिकों की प्रमुख मांग वर्ष 2018 से कथित रूप से लंबित बोनस का भुगतान कराना है। अब देखना होगा कि कंपनी प्रबंधन इस मामले में क्या कदम उठाता है और श्रमिकों की मांगों पर कब तक निर्णय लिया जाता है।
TEN NEWS | सितारगंज, उत्तराखंड