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प्रदेश सरकार ने गोवंश के विकास एवं गोपालकों की सहायता हेतु नंद बाबा दुग्ध मिशन अन्तर्गत तीन विकास योजनाओं का शुभारंभ किया

ByTen News One Desk

Nov 4, 2024
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प्रदेश सरकार ने गोवंश के विकास एवं गोपालकों की सहायता हेतु नंद बाबा दुग्ध मिशन अन्तर्गत तीन विकास योजनाओं का शुभारंभ किया



टेन न्यूज़ !! ०४ नबंवर २०२४ !! प्रभाष चन्द्र ब्यूरो, कन्नौज


प्रदेश सरकार ने गोवंश के विकास एवं गोपालकों की सहायता हेतु नंद बाबा दुग्ध मिशन अन्तर्गत तीन विकास योजनाओं का शुभारंभ किया गया है। जिनसे न केवल गोपालन को प्रोत्साहन मिलेगा बल्कि गोपालन कर पशुपालकों को भी रोजगार मिलेगा, जिससे उनका आर्थिक विकास होगा और प्रदेश की तीन ट्रिलियन इकॉनोमी बनने की यात्रा में एक क़दम आगे बढ़ेगा। यह जानकारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने दी।

उन्होंने बताया है कि प्रथम योजना है स्वदेशी गौ संवर्धन योजना। इस योजना में कुल 24 ईकाई स्थापित करने का लक्ष्य शासन द्वारा दिया गया है। जिसमें आधा अर्थात 12 ईकाई स्थापित करने अर्थात 50 प्रतिशत लक्ष्य महिलाओं द्वारा पूर्ण किया जाएगा। इस योजना की कुल अनुमानित लागत 2 लाख रुपए है। जिसमें साहीवाल, हरियाणा, थारपारकर अथवा गिर नस्ल की दो गायों का क्रय, ट्रांजिट बीमा, तीन वर्षों का पशु बीमा, चारा काटने की मशीन आदि के व्यय के रूप में 40 प्रतिशत अर्थात 80000 ₹ का अनुदान दिया जाएगा। गायों को प्रदेश से बाहर से क्रय करना होगा और निर्धारित नस्ल और मानक के अनुसार दुग्ध उत्पादक का होना अनिवार्य है। गायों को तीन वर्षों तक पालन करने का शपथग्रहण देना होगा।

आवेदन तिथि 13-11-24 तक है। आवेदन किसी भी पशु चिकित्साधिकारी से अथवा मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अथवा उप दुग्धशाला विकास अधिकारी के कार्यालय में जमा किया जा सकता है। प्राप्त आवेदनों में से जनपद स्तरीय समिति से चयन उपरांत लाभार्थियों को सूचित किया जाएगा।

दूसरी नंदनी कृषक समृद्धि मिनी योजना जिसमें 10 स्वदेशी उन्नत नस्ल की गायों का क्रय प्रदेश के बाहर से किया जाएगा। जनपद को चार ईकाई स्थापित करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इस योजना की अनुमानित कुल लागत 23 लाख 60 हजार रुपए है। जिसमें दो किस्तों में 11 लाख 80 हजार का अनुदान दिया जाएगा।

पशुबाड़ा निर्माण हेतु 0.2 एकड़ एवं चारा उत्पादन हेतु 0.8 एकड़ भूमि का होना अनिवार्य है। तीन वर्षों के लिए पशु बीमा कराना अनिवार्य है। योजना का 15 प्रतिशत अर्थात 3.54 लाख रूपए लाभार्थी द्वारा 35 प्रतिशत अर्थात 8.26 लाख रुपए बैंक ऋण के रूप में एवं 50 प्रतिशत अर्थात 11 लाख 80 हजार रुपए अनुदान से प्राप्त होगा। गायों की नस्ल साहीवाल, गिर अथवा थारपारकर एवं उन नस्लों के मानक के अनुरूप दुग्ध उत्पादक होना अनिवार्य है।

तीसरी योजना मुख्यमंत्री पशुपालक प्रोत्साहन योजना अंतर्गत हरियाणा, थारपारकर साहीवाल, गिर एवं गंगातीरी नस्लों की उच्च उतपादक गायों को 10000 एवं 15000 रूपए की प्रोत्साहन धनराशि डीबीटी के माध्यम से दी जाएगी। अधिक जानकारी एवं आवेदन करने हेतु निकटतम पशु चिकित्साधिकारी अथवा मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अथवा उप दुग्धशाला विकास अधिकारी कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।

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