डीएम धर्मेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक सम्पन्न

टेन न्यूज़ !! ०८ अप्रैल २०२६ !! डीपी सिंह@डेस्क न्यूज़, शाहजहांपुर
जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में पंचायत राज, मनरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) एवं जीरो पॉवर्टी कार्यक्रम की समीक्षा बैठक विकास भवन सभागार में आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
पंचायत राज विभाग की समीक्षा
जिलाधिकारी ने शौचालय निर्माण हेतु प्राप्त आवेदनों का शीघ्र सत्यापन करने के निर्देश दिए। उन्होंने गांवों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के यूजर चार्ज की वसूली की जिम्मेदारी पंचायत सहायकों को सौंपने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि 30 प्रतिशत से अधिक वसूली करने पर पंचायत सहायकों को 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
इसके अलावा जर्जर सामूहिक शौचालयों की मरम्मत, नियमित साफ-सफाई और बेहतर रख-रखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। खंड विकास अधिकारियों को बृहद गौशालाओं का प्रतिमाह निरीक्षण कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।
मनरेगा कार्यों पर सख्ती
मनरेगा कार्यों की समीक्षा करते हुए डीएम ने निर्देश दिया कि सभी अपूर्ण कार्य 15 अप्रैल तक हर हाल में पूर्ण किए जाएं। समय सीमा में कार्य पूर्ण न होने पर संबंधित एपीओ एवं खंड विकास अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी दी गई। साथ ही निर्माणाधीन कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने पर जोर दिया गया।
एनआरएलएम एवं जीरो पॉवर्टी कार्यक्रम
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा में जिलाधिकारी ने अधिक से अधिक नए स्वयं सहायता समूहों के गठन के निर्देश दिए। निष्क्रिय समूहों को सक्रिय करने, मनरेगा जॉब कार्ड धारकों एवं गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाली महिलाओं को समूहों से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया।
उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को सीआईएफ (CIF) एवं सीसीएल (CCL) का लाभ दिलाने तथा जीरो पॉवर्टी कार्यक्रम के अंतर्गत नए समूह गठित करने के निर्देश दिए। ड्राई राशन फीडिंग का कार्य तीन से चार दिनों में शत-प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ अपराजिता सिंह, पीडी डीआरडीए अवधेश राम, जिला विकास अधिकारी ऋषिपाल सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
