इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के कार्यालय में विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन

विश्व स्तर पर रेडक्रॉस का चिन्ह मानव स्वास्थ्य की है पहचान *
टेन न्यूज़ !! ०७ अप्रैल २०२६ !! डीपी सिंह डेस्क न्यूज़@शाहजहांपुर
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय प्रांगण में स्थित इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के कार्यालय में विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
जिसमें रेडक्रॉस के सचिव डॉ० विजय जोहरी ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया की विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना 7 अप्रैल 1948 को हुई थी, जिसका उद्देश्य वैश्विक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना, बीमारियों की रोकथाम करना और दुनिया के लोगों के स्वास्थ्य स्तर को ऊँचा करना था। इसका गठन द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य सहयोग, महामारी नियंत्रण और सभी लोगों के लिए स्वास्थ्य के उच्चतम स्तर को प्राप्त करने की आवश्यकता के कारण किया गया था।
विश्व स्वास्थ्य दिवस पर रेड क्रॉस का मुख्य दृष्टिकोण स्वास्थ्य को एक मौलिक मानवाधिकार के रूप में स्थापित करना है, जहां हर व्यक्ति को अच्छी स्वास्थ्य देखभाल मिलनी चाहिए। रेड क्रॉस “मेरा स्वास्थ्य, मेरा अधिकार” के सिद्धांत का समर्थन करता है, जिसमें सुरक्षित भोजन, पानी और आपातकालीन स्थिति में स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं। डॉ० विजय जोहरी ने बताया की रेडक्रॉस का जन्म युद्ध के मैदान में घायल सैनिको की सेवा के साथ १८६३ में स्विट्ज़रलैंड के जेनेवा में हुआ था। विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना भी जेनेवा में ही हुई थी।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय आबू पर्वत राजस्थान की स्थानीय शाखा शाहजहांपुर की क्षेत्रीय संचालिका ब्रह्माकुमारी बहन चरिता दीदी ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य दिवस पर रेड क्रॉस की सोच का मूल आधार “मानवता के पक्ष में” है, जो बिना किसी भेदभाव के हर व्यक्ति के लिए स्वास्थ्य और गरिमा सुनिश्चित करता है। रेड क्रॉस का मानना है कि स्वास्थ्य एक मौलिक मानवाधिकार है, जिसे युद्ध, आपदाओं या गरीबी के दौरान भी संरक्षित किया जाना चाहिए।
गोष्ठी में ब्रह्माकुमारी बहन चरिता दीदी, ब्रह्माकुमारी बहन विनीता दीदी तथा मीनू मिश्रा बालकृष्ण पांडे, बृजेश गुप्ता, हर्षित मिश्रा, सादिक हुसैन, सुबोध, राममिलन भूरे, रवि कुसुम, प्रेमादेवी अनुज जोहरी, अग्रज जोहरी, अवनीश सक्सेना आदि मौजूद थे।अंत में रेड क्रॉस सचिव ने सभी का आभार प्रकट करते हुए मानव सेवा में सभी से सहयोगी भूमिका की अपेक्षा की ।
