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तिलहर तहसील प्रशासन की कथित उदासीनता और जनसमस्याओं की लगातार अनदेखी के विरोध में 22 दिसंबर से भारतीय कृषक दल का गांधीवादी क्रमिक सत्याग्रह

By Ten News One Desk

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तिलहर तहसील प्रशासन की कथित उदासीनता और जनसमस्याओं की लगातार अनदेखी के विरोध में 22 दिसंबर से भारतीय कृषक दल का गांधीवादी क्रमिक सत्याग्रह



टेन न्यूज़ !! २१ दिसम्बर २०२५ !! पप्पू अंसारी, मीरानपुर कटरा/तिलहर/शाहजहांपुर


तहसील प्रशासन की कथित उदासीनता और जनसमस्याओं की लगातार अनदेखी के विरोध में भारतीय कृषक दल 22 दिसंबर, सोमवार से तिलहर तहसील मुख्यालय के गेट पर गांधीवादी क्रमिक सत्याग्रह शुरू करने जा रहा है। यह आंदोलन जनता के ज्वलंत मुद्दों को लेकर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

भारतीय कृषक दल के राष्ट्रीय महासचिव व उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रमोद कुमार यादव (जनसेवक) ने बताया कि लोकतंत्र में शासन-प्रशासन का दायित्व है कि वह लोकहित के मुद्दों पर गंभीरता से विचार कर उनका समयबद्ध समाधान करे, लेकिन दुर्भाग्यवश तहसील प्रशासन जनता की समस्याओं पर मौन साधे हुए है। इससे आमजन में आक्रोश व्याप्त है और किसानों को सड़कों पर उतरने को मजबूर होना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि तहसील तिलहर के विभिन्न ब्लॉकों में छुट्टा आवारा गाय-सांड किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। भीषण ठंड में किसान गेहूं की फसल बचाने के लिए रात-दिन खेतों पर पहरा देने को विवश हैं। वहीं, धान खरीद में भारी अनियमितताएं सामने आ रही हैं—फर्जी क्रय केंद्रों पर कागजी खरीद, माफियाओं का धान बिना आए दर्ज होना और तहसील से कथित फर्जी सत्यापन किए जाने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मौन बने हुए हैं।

इसके अलावा, गरीब और जरूरतमंद लोग सहायता के लिए महीनों तक तहसील के चक्कर काट रहे हैं। बरखेड़ा जयपाल रोड पर आए दिन जाम लगने से स्कूली बच्चों, किसानों और आम नागरिकों को घंटों परेशान होना पड़ता है। तिलहर का बंद पड़ा बस अड्डा, राशन कार्ड, पेंशन, खतौनी संशोधन, खेतों की नाप और जमीनों पर अवैध कब्जों जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा है।

प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि जब प्रशासन संवेदनहीन हो जाए और अधिकारी राजशाही सोच में डूब जाएं, तब संविधान प्रदत्त अधिकारों के तहत जनता को गांधीवादी तरीके से संघर्ष करना ही पड़ता है। इसी क्रम में भारतीय कृषक दल का यह सत्याग्रह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा।

उन्होंने क्षेत्र के किसानों, जागरूक नागरिकों और समाजसेवियों से अपील की कि वे 22 दिसंबर से तिलहर तहसील गेट पर होने वाले गांधीवादी क्रमिक सत्याग्रह को अपना समर्थन और सहयोग दें, ताकि जनता के ज्वलंत मुद्दों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित कराया जा सके।

तिलहर तहसील प्रशासन की कथित उदासीनता और जनसमस्याओं की लगातार अनदेखी के विरोध में 22 दिसंबर से भारतीय कृषक दल का गांधीवादी क्रमिक सत्याग्रह

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तिलहर तहसील प्रशासन की कथित उदासीनता और जनसमस्याओं की लगातार अनदेखी के विरोध में 22 दिसंबर से भारतीय कृषक दल का गांधीवादी क्रमिक सत्याग्रह



टेन न्यूज़ !! २१ दिसम्बर २०२५ !! पप्पू अंसारी, मीरानपुर कटरा/तिलहर/शाहजहांपुर


तहसील प्रशासन की कथित उदासीनता और जनसमस्याओं की लगातार अनदेखी के विरोध में भारतीय कृषक दल 22 दिसंबर, सोमवार से तिलहर तहसील मुख्यालय के गेट पर गांधीवादी क्रमिक सत्याग्रह शुरू करने जा रहा है। यह आंदोलन जनता के ज्वलंत मुद्दों को लेकर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

भारतीय कृषक दल के राष्ट्रीय महासचिव व उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रमोद कुमार यादव (जनसेवक) ने बताया कि लोकतंत्र में शासन-प्रशासन का दायित्व है कि वह लोकहित के मुद्दों पर गंभीरता से विचार कर उनका समयबद्ध समाधान करे, लेकिन दुर्भाग्यवश तहसील प्रशासन जनता की समस्याओं पर मौन साधे हुए है। इससे आमजन में आक्रोश व्याप्त है और किसानों को सड़कों पर उतरने को मजबूर होना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि तहसील तिलहर के विभिन्न ब्लॉकों में छुट्टा आवारा गाय-सांड किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। भीषण ठंड में किसान गेहूं की फसल बचाने के लिए रात-दिन खेतों पर पहरा देने को विवश हैं। वहीं, धान खरीद में भारी अनियमितताएं सामने आ रही हैं—फर्जी क्रय केंद्रों पर कागजी खरीद, माफियाओं का धान बिना आए दर्ज होना और तहसील से कथित फर्जी सत्यापन किए जाने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मौन बने हुए हैं।

इसके अलावा, गरीब और जरूरतमंद लोग सहायता के लिए महीनों तक तहसील के चक्कर काट रहे हैं। बरखेड़ा जयपाल रोड पर आए दिन जाम लगने से स्कूली बच्चों, किसानों और आम नागरिकों को घंटों परेशान होना पड़ता है। तिलहर का बंद पड़ा बस अड्डा, राशन कार्ड, पेंशन, खतौनी संशोधन, खेतों की नाप और जमीनों पर अवैध कब्जों जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा है।

प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि जब प्रशासन संवेदनहीन हो जाए और अधिकारी राजशाही सोच में डूब जाएं, तब संविधान प्रदत्त अधिकारों के तहत जनता को गांधीवादी तरीके से संघर्ष करना ही पड़ता है। इसी क्रम में भारतीय कृषक दल का यह सत्याग्रह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा।

उन्होंने क्षेत्र के किसानों, जागरूक नागरिकों और समाजसेवियों से अपील की कि वे 22 दिसंबर से तिलहर तहसील गेट पर होने वाले गांधीवादी क्रमिक सत्याग्रह को अपना समर्थन और सहयोग दें, ताकि जनता के ज्वलंत मुद्दों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित कराया जा सके।

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