दिवाली की चमक पर बिलपुर क्रॉसिंग बंदी का ग्रहण, 19 दिन से परेशान दर्जनों गांवों के लोग

तीन दिन काम के बाद लंबा इंतजार, रेलवे की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल; जान जोखिम में डालकर ट्रैक पार कर रहे राहगीर, स्कूली बच्चों से लेकर मरीजों और किसानों तक की बढ़ी मुश्किलें
टेन न्यूज़ !! ०१ नवम्बर २०२६ !! मुनीश चन्द्र शर्मा
फतेहगंज पूर्वी/बरेली। दिवाली के त्योहार की खुशियों के बीच बिलपुर रेलवे क्रॉसिंग की बंदी क्षेत्रीय लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। बदायूं-दातागंज मार्ग स्थित बिलपुर रेलवे क्रॉसिंग करीब 19 दिनों से बंद पड़ी है। इसके चलते दर्जनों गांवों के ग्रामीणों को रोजाना लंबा चक्कर लगाकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है। त्योहार नजदीक होने के बावजूद आवागमन की समस्या का समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे क्रॉसिंग पर करीब तीन दिन तक काम हुआ, लेकिन इसके बाद काम की गति धीमी पड़ गई और लोगों को लंबे इंतजार का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब कुछ दिनों में काम किया जा सकता है, तो फिर क्रॉसिंग को इतने लंबे समय तक बंद रखने से आम जनता को परेशानी क्यों झेलनी पड़ रही है। रेलवे की कार्यप्रणाली और काम पूरा होने की समयसीमा स्पष्ट नहीं होने से लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।
जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार कर रहे लोग
क्रॉसिंग बंद होने के कारण सबसे चिंताजनक स्थिति उन राहगीरों की है, जो लंबा रास्ता बचाने के लिए बंद क्रॉसिंग के आसपास से रेलवे ट्रैक पार करने का जोखिम उठा रहे हैं। ट्रैक पर काम के चलते उखड़ी पड़ी जगहों और अव्यवस्थित रास्ते के बीच पैदल निकलने वाले लोगों के लिए दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। ट्रेनों की आवाजाही के बीच इस तरह ट्रैक पार करना कभी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकता है। इसके बावजूद मजबूरी में लोग जोखिम भरा रास्ता अपनाने को विवश हैं।
स्कूली बच्चों और मरीजों की बढ़ी परेशानी
क्रॉसिंग बंद होने का असर आम जनजीवन पर भी पड़ रहा है। स्कूली बच्चों को आने-जाने में अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। बुजुर्गों और महिलाओं के लिए भी लंबा रास्ता परेशानी का सबब बना हुआ है। वहीं, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने वाले परिजनों के सामने भी आवागमन की समस्या खड़ी हो रही है। आपात स्थिति में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। वैकल्पिक मार्ग से आने-जाने में लगने वाला अतिरिक्त समय लोगों की चिंता बढ़ा रहा है।
दिवाली की खरीदारी और किसानों के कामकाज पर असर
दिवाली का त्योहार नजदीक होने के कारण बाजारों में खरीदारी के लिए आने-जाने वाले ग्रामीणों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। किसानों, व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों की रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि त्योहार के समय आवागमन सुचारु रहना बेहद जरूरी है, लेकिन क्रॉसिंग बंद होने से उन्हें समय और अतिरिक्त खर्च दोनों का सामना करना पड़ रहा है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो दिवाली के दौरान लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है।
रेलवे अधिकारियों से जल्द क्रॉसिंग खुलवाने की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि रेलवे का काम जल्द पूरा हो जाएगा और क्रॉसिंग पर आवागमन बहाल कर दिया जाएगा, लेकिन करीब 19 दिनों से जारी बंदी ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। ग्रामीणों ने संबंधित रेलवे अधिकारियों से निर्माण कार्य में तेजी लाने, काम पूरा होने की समयसीमा स्पष्ट करने और क्रॉसिंग को जल्द खोलने की मांग की है। साथ ही, जब तक क्रॉसिंग बंद रहती है, तब तक लोगों की सुरक्षा के लिए उचित वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की जरूरत जताई है।
अब देखना यह है कि रेलवे अधिकारी ग्रामीणों की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए कब तक क्रॉसिंग खुलवाते हैं और लोगों को राहत मिल पाती है। फिलहाल, दिवाली की तैयारियों के बीच बिलपुर रेलवे क्रॉसिंग की बंदी क्षेत्र के लोगों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बनी हुई है।