प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलम्बन (एग्रीजंक्शन) योजना के तहत पात्र लाभार्थी चयन हेतु समिति की बैठक सम्पन्न

टेन न्यूज़ !! २६ जून २०२६ !! प्रभाष चन्द्र ब्यूरो, कन्नौज
जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलम्बन (एग्रीजंक्शन) योजना के अंतर्गत चयन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना के तहत प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए पात्र लाभार्थी के चयन संबंधी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में अवगत कराया गया कि जनपद के आठों विकास खण्डों से कुल 121 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से शासन की निर्धारित पात्रता एवं मानकों के अनुसार प्रत्येक ब्लॉक से एक लाभार्थी का चयन किया जाना है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी आवेदनों का निष्पक्ष, पारदर्शी एवं गहन सत्यापन सुनिश्चित किया जाए
तथा शासनादेश के अनुरूप ही पात्र अभ्यर्थी का चयन किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि एग्रीजंक्शन योजना का उद्देश्य कृषि स्नातकों को स्वरोजगार से जोड़ते हुए किसानों को एक ही स्थान पर बीज, उर्वरक, कीटनाशक, कृषि यंत्रों की जानकारी तथा आधुनिक कृषि तकनीकों संबंधी परामर्श उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत निःशुल्क लाइसेंस, व्यवसाय स्थापना हेतु बैंक ऋण पर ब्याज अनुदान, किराया सहायता तथा निःशुल्क प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं प्रदान की जाती हैं, जिससे कृषि क्षेत्र में उद्यमिता को बढ़ावा मिलता है।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने फॉर्मर रजिस्ट्री कार्य की समीक्षा करते हुए उप कृषि निदेशक को निर्देश दिए कि मृतक किसानों के नाम हटाने, अभिलेखों में विसंगतियों का निराकरण करने तथा विशेष अभियान चलाकर फॉर्मर रजिस्ट्री का कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण कराया जाए।
उन्होंने कहा कि इस कार्य के साथ-साथ मक्का खरीद अभियान पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। खरीद प्रक्रिया में आने वाली समस्याओं की पहचान कर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी स्तर पर बिचौलियों या दलालों की भूमिका को समाप्त किया जाए, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक क्रय केंद्र पर सहायक विकास अधिकारी (कृषि) को नामित कर नियमित निरीक्षण कराया जाए तथा किसानों को अधिकाधिक लाभ दिलाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान संचालित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी दशा में किसानों का नुकसान नहीं होना चाहिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास, उप कृषि निदेशक संतोष कुमार, अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) रंजीत सिंह, जिला कृषि अधिकारी संत लाल गुप्ता सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।