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खानकाह-ए-कलीमिया में सामूहिक इफ्तार, मुल्क व कौम की खुशहाली के लिए की गई दुआ

By Ten News One Desk

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खानकाह-ए-कलीमिया में सामूहिक इफ्तार, मुल्क व कौम की खुशहाली के लिए की गई दुआ


टेन न्यूज़ ii 16 मार्च 2026 ii पप्पू अंसारी, मीरानपुर कटरा (शाहजहांपुर)। पवित्र माह रमज़ान के मुबारक अवसर पर नगर की प्रसिद्ध खानकाह-ए-कलीमिया में सोमवार को सज्जादा नशीन हज़रत सैय्यद आदिल महमूद कलीमी चिश्ती कादरी के नेतृत्व में भव्य सामूहिक इफ्तार का आयोजन किया गया।

इस दौरान नगर व आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे सैकड़ों रोज़ेदारों ने इफ्तार में शामिल होकर रोज़ा खोला और अल्लाह का शुक्र अदा किया।

इफ्तार से पूर्व रोज़ेदारों ने हाथ उठाकर रमज़ान की बरकतों के साथ मुल्क व कौम की खुशहाली, अमन-चैन और तरक्की के लिए दुआएं कीं। खानकाह परिसर में रोज़ेदारों के लिए विशेष रूप से इफ्तार की व्यवस्था की गई थी, जिसमें खजूर, फल, शरबत और अन्य खाद्य पदार्थों से रोज़ा खोला गया।

इसके बाद सभी ने मिलकर मगरिब की नमाज़ अदा की।
नमाज़ के बाद सज्जादा नशीन हज़रत सैय्यद आदिल महमूद कलीमी चिश्ती कादरी ने सामूहिक दुआ कराते हुए कहा कि रमज़ान का महीना इंसान को सब्र, परहेज़गारी और इंसानियत का पैगाम देता है।

रोज़ा केवल भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं है, बल्कि अपनी ज़बान, आंखों और कानों को गुनाहों से बचाते हुए नेक रास्ते पर चलने की सीख देता है।

उन्होंने बताया कि रमज़ान में कुरान शरीफ पढ़ने और सुनने का विशेष महत्व होता है, इसी कारण मस्जिदों में तरावीह की नमाज़ का एहतमाम किया जाता है। साथ ही इस पाक महीने में गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करना भी बेहद जरूरी है। जकात और सदका के माध्यम से जरूरतमंदों की सहायता करने से समाज में बराबरी और भाईचारे का संदेश फैलता है।

इस मौके पर हज़रत सैय्यद सरवर महमूद कलीमी (एहसाम मियां), डॉ. फैजान खान, दानिश, जीशान खान, अब्दुल वहीद अंसारी, डॉ. आरिफ उसमानी सहित नगर के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में सैकड़ों रोज़ेदारों ने भाग लेकर इफ्तार किया और रमज़ान की रूहानियत का एहसास किया।

खानकाह-ए-कलीमिया में आयोजित इस सामूहिक इफ्तार ने आपसी भाईचारे, मोहब्बत और एकता का खूबसूरत संदेश दिया।

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टेन न्यूज़ ii 16 मार्च 2026 ii पप्पू अंसारी, मीरानपुर कटरा (शाहजहांपुर)। पवित्र माह रमज़ान के मुबारक अवसर पर नगर की प्रसिद्ध खानकाह-ए-कलीमिया में सोमवार को सज्जादा नशीन हज़रत सैय्यद आदिल महमूद कलीमी चिश्ती कादरी के नेतृत्व में भव्य सामूहिक इफ्तार का आयोजन किया गया।

इस दौरान नगर व आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे सैकड़ों रोज़ेदारों ने इफ्तार में शामिल होकर रोज़ा खोला और अल्लाह का शुक्र अदा किया।

इफ्तार से पूर्व रोज़ेदारों ने हाथ उठाकर रमज़ान की बरकतों के साथ मुल्क व कौम की खुशहाली, अमन-चैन और तरक्की के लिए दुआएं कीं। खानकाह परिसर में रोज़ेदारों के लिए विशेष रूप से इफ्तार की व्यवस्था की गई थी, जिसमें खजूर, फल, शरबत और अन्य खाद्य पदार्थों से रोज़ा खोला गया।

इसके बाद सभी ने मिलकर मगरिब की नमाज़ अदा की।
नमाज़ के बाद सज्जादा नशीन हज़रत सैय्यद आदिल महमूद कलीमी चिश्ती कादरी ने सामूहिक दुआ कराते हुए कहा कि रमज़ान का महीना इंसान को सब्र, परहेज़गारी और इंसानियत का पैगाम देता है।

रोज़ा केवल भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं है, बल्कि अपनी ज़बान, आंखों और कानों को गुनाहों से बचाते हुए नेक रास्ते पर चलने की सीख देता है।

उन्होंने बताया कि रमज़ान में कुरान शरीफ पढ़ने और सुनने का विशेष महत्व होता है, इसी कारण मस्जिदों में तरावीह की नमाज़ का एहतमाम किया जाता है। साथ ही इस पाक महीने में गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करना भी बेहद जरूरी है। जकात और सदका के माध्यम से जरूरतमंदों की सहायता करने से समाज में बराबरी और भाईचारे का संदेश फैलता है।

इस मौके पर हज़रत सैय्यद सरवर महमूद कलीमी (एहसाम मियां), डॉ. फैजान खान, दानिश, जीशान खान, अब्दुल वहीद अंसारी, डॉ. आरिफ उसमानी सहित नगर के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में सैकड़ों रोज़ेदारों ने भाग लेकर इफ्तार किया और रमज़ान की रूहानियत का एहसास किया।

खानकाह-ए-कलीमिया में आयोजित इस सामूहिक इफ्तार ने आपसी भाईचारे, मोहब्बत और एकता का खूबसूरत संदेश दिया।

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