मेरठ कांस्टेबल अपहरण कांड में नया मोड़, महिला कांस्टेबल ने कोर्ट में कहा अपनी मर्जी से गई थी
टेन न्यूज़ ii 10 फरवरी 2026 ii @डेस्क न्यूज़
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद से जुड़े महिला कांस्टेबल के कथित अपहरण मामले में बड़ा मोड़ सामने आया है। कोर्ट में पेशी के दौरान महिला सिपाही ने स्पष्ट बयान दिया कि उसका अपहरण नहीं हुआ था, बल्कि वह अपनी मर्जी से अंकित चौहान के साथ गई थी। बयान के बाद अदालत के आदेश पर उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
बताया गया कि बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात निवासी महिला कांस्टेबल संध्या भारद्वाज, जो अलीगढ़ के साइबर क्राइम थाने में तैनात है, रविवार को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। उसी दिन उसकी शादी होनी थी और घर में हल्दी व मेहंदी की रस्में पूरी हो चुकी थीं। शाम को बारात आनी थी, लेकिन शादी से कुछ घंटे पहले उसके गायब होने से परिवार में हड़कंप मच गया।
संध्या के पिता ने मवाना थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि ढिकोली निवासी हिस्ट्रीशीटर अंकित चौहान उनकी बेटी को अगवा कर ले गया है। पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर महिला कांस्टेबल की तलाश शुरू कर दी थी।
रविवार देर रात संध्या को बरामद कर मवाना थाने लाया गया, जहां उसका बयान दर्ज किया गया। संध्या ने पुलिस को बताया कि रात में अंकित चौहान का फोन आया था, जिसके बाद वह खुद ही उसके साथ चली गई थी। उसने साफ कहा कि उसके साथ कोई जबरदस्ती या अपहरण की घटना नहीं हुई।
सोमवार को पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया। न्यायालय में भी उसने यही बयान दोहराया। चूंकि वह बालिग है, इसलिए अदालत ने उसकी इच्छा को प्राथमिकता देते हुए उसे परिजनों के साथ जाने की अनुमति दे दी। बाद में पुलिस ने उसे उसके पिता के सुपुर्द कर दिया, जिसके बाद वह उनके साथ घर लौट गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में दर्ज अपहरण की धाराओं की कानूनी स्थिति अब महिला कांस्टेबल के बयान के आधार पर जांच के बाद स्पष्ट होगी। वहीं, आरोपी बताए जा रहे अंकित चौहान की तलाश अभी भी जारी है।
इस घटनाक्रम ने न सिर्फ पुलिस महकमे बल्कि क्षेत्र में भी चर्चा का माहौल पैदा कर दिया है, क्योंकि यह मामला शादी से ठीक पहले हुए कथित अपहरण से जुड़ा था, जो अब सहमति से जाने की बात में बदल गया है।






