कमालगंज में अकीदत के साथ निकला मुहर्रम का ताजिया जुलूस, कर्बला के शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि

टेन न्यूज़ !! २६ जून २०२६ !! तौफीक फारुकी ब्यूरो, फर्रुखाबाद
कमालगंज कस्बे में मुहर्रम की दसवीं तारीख (आशूरा) पर नवास-ए-रसूल हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में पूरे ग़म, अकीदत और धार्मिक श्रद्धा के साथ ताजिया एवं अलम का जुलूस निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने भाग लेकर कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस्लामी मान्यता के अनुसार, कर्बला के मैदान में हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों एवं परिवार के सदस्यों ने सत्य, न्याय और इस्लाम की मूल शिक्षाओं की रक्षा के लिए अपनी शहादत दी थी। उनकी याद में हर वर्ष मुहर्रम के दौरान दुनिया भर में मुस्लिम समुदाय शोक और श्रद्धा के साथ विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करता है।
कमालगंज में ताजिया जुलूस सराय मोहल्ले से प्रारंभ होकर मिठाई गली सहित कस्बे के प्रमुख मार्गों से निकला। इसके बाद कमालगंज थाने के समीप विभिन्न गांवों से आए ताजिए एकत्रित हुए। वहां से संयुक्त जुलूस कानपुर मुख्य मार्ग से होते हुए पूर्व मुहर्रम कमेटी के अध्यक्ष फखरुद्दीन के सराय मोहल्ले पहुंचा, जहां सभी ताजिए एकत्र हुए। इसके बाद गंगा गली से होकर जुलूस कर्बला पहुंचा, जहां धार्मिक परंपरा के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-ख़ाक किया गया।
जुलूस के दौरान मातमी रस्में अदा की गईं। युवाओं ने पारंपरिक करतबों का प्रदर्शन किया, जबकि पूरे आयोजन के दौरान पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहा।
मौलाना मुबीन सिद्दीकी ने कहा कि मुहर्रम का महीना हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की महान कुर्बानियों की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि कर्बला का संदेश इंसानियत, सब्र, सत्य, न्याय और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक है, जिससे हर व्यक्ति को प्रेरणा लेनी चाहिए।
जुलूस के दौरान कस्बे के लोगों ने राहगीरों एवं क्षेत्रवासियों के लिए शरबत और भंडारे की व्यवस्था की। इस अवसर पर भाईचारे, इंसानियत और आपसी सौहार्द का संदेश दिया गया।
वक्ताओं ने कहा कि कर्बला की जंग सत्य, न्याय और मानवता की रक्षा के लिए लड़ी गई थी। उन्होंने कहा कि हजरत इमाम हुसैन ने अपने परिवार और साथियों के साथ सर्वोच्च बलिदान देकर पूरी मानवता को सत्य और इंसाफ के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के अंत में कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा देश में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं की गईं।