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इयरफोन तथा हेडफोन के अधिक उपयोग से श्रवणह्रास होता है प्रभावित

ByTen News One Desk

Jul 11, 2025
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एक बार सुनने की क्षमता स्थायी रूप से खराब हो जाने पर श्रवण यंत्रों या कांक्लियर इम्प्लांट से कभी भी सामान्य श्रवण क्षमता बहाल नहीं की जा सकती

शाहजहांपुर/दिनांक 19.05.2025/ उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशन के क्रम में जिलाधिकारी जानकारी देते हुए बताया है कि ईयर फोन और हेडफोन के उपयोग से होने वाली श्रवण ह्रास जो कि विशेष रूप से युवा वर्ग को प्रभावित करता है एक बहुत महत्वपूर्ण एवं प्रायः अनदेखा किया जाने वाला स्वास्थ्य से सम्बन्धित प्रकरण है। कई अध्ययनों से पता चला है कि व्यक्तिगत आडियो उपकरणों के माध्यम से तेज संगीत एवं अन्य ध्वनियों के लम्बे समय तक और अत्यधिक लम्बे समय तक सुनने की अपरिवर्तिनीय क्षति हो सकती है।

ईयर फोन/ईयर प्लग के लम्बे समय तक उपयोग के कारण सुनने की श्रवण ह्रास और टिनिटस को रोकने में सहायता किये जाने के सम्बन्ध में निम्नलिखित सुझाव दिये गये है:-

(1) श्रवण-हानि तथा पूर्ण श्रवणहीनता का मुख्य कारक होने के दृष्टिगत वायर्ड अथवा ब्लूटूथ इयरप्लग/हेडफोन के अनावश्यक उपयोग को हतोत्साहित किया जाये।

(2) यदि आवश्यक हो तो 50 डेसिबल से अनधिक ध्वनि वाले ईयर फोन/ हेडफोन जैसे “व्यक्तिगत आडियो उपकरणों का उपयोग किया जाये।

(3) वायर्ड अथवा ब्लूटूश इयरप्लग इयरफोन/हेडफोन का प्रतिदिन 2 घंटे से ज़्यादा लंबे समय तक इस्तेमाल न करें। सुनने के दौरान बीच-बीच में ब्रेक लें।

(4) यथासंभव कम आवाज में ऑडियो सुनने के लिए अच्छी तरह से फिट किए गए या शोर कम करने वाले हेडफोन का उपयोग करें।

(5) बच्चों के लिए स्क्रीन का समय कम करें क्योंकि इससे मस्तिष्क के संज्ञानात्मक विकास में देरी हो सकती है जिससे सामाजिक सम्पर्क संचार और विभिन्न प्रकार की व्यवहार संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

(6) बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग से दूर रखें ताकि वे तेज आवाजों के संपर्क में न आयें जिनका इस्तेमाल अक्सर गेम डिजाइन में किया जाता है।

(7) सोशल मीडिया का उपयोग कम करें। परिवार और सामाजिक मेलजोल पर ध्यान केंद्रित करते हुए एकसाथ समय बिताने का समय बढाएँ।

(8) यह सुनिश्चित किया जाये कि आयोजन स्थलों पर अधिकतम औसत ध्वनि स्तर 100 डेसिबल से अधिक न हो।

(9) श्रवण तीक्ष्णता का आंकलन करने तथा श्रवण हानि का शीघ्र पता लगाने के लिए जांच एवं प्रभावी उपचार विकल्प का उपयोग किया जाये।

आप अवगत हैं कि एक बार सुनने की क्षमता स्थायी रूप से खराब हो जाने पर श्रवण यंत्रों या कांक्लियर इम्प्लांट (Cochlear Implant) से कभी भी सामान्य श्रवण क्षमता बहाल नहीं की जा सकती। इसके अलावा कम उम्र से ही लगातार टिनिटस होने से अवसाद सहित कई तरह की मनोवैज्ञानिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

ईयर फोन/ईयर प्लग के लम्बे समय तक उपयोग के कारण सुनने की श्रवण ह्रास और टिनिटस को रोकने में सहायता किये जाने के सम्बन्ध में दिये गये सुझावों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

Ten News One Desk

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