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निबंधन विभाग के प्रस्तावित ई-गवर्नेंस मॉडल के विरोध में महोबा में अधिवक्ताओं ने सौंपा ज्ञापन

ByTen News One Desk

Jun 25, 2026
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निबंधन विभाग के प्रस्तावित ई-गवर्नेंस मॉडल के विरोध में महोबा में अधिवक्ताओं ने सौंपा ज्ञापन


टेन न्यूज़ !! २५ जून २०२६ !! राहुल विश्वकर्मा ब्यूरो

महोबा। निबंधन विभाग में प्रस्तावित ई-गवर्नेंस मॉडल एवं संभावित निजीकरण के विरोध में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों तथा संबंधित वर्गों ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के नाम संबोधित ज्ञापन एआईजी स्टाम्प महोदय तथा उपजिलाधिकारी की अनुपस्थिति में तहसीलदार महोबा को सौंपा। ज्ञापन अधिवक्ता हरीशरण सक्सेना के नेतृत्व में दिया गया।

ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि निबंधन विभाग द्वारा ई-गवर्नेंस मॉडल के अंतर्गत दस्तावेजों के पंजीकरण कार्य में निजी संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। इससे निबंधन कार्य से जुड़े विभिन्न वर्गों में भविष्य को लेकर चिंता व्याप्त है।

अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि वे अभिलेखों के डिजिटलीकरण अथवा नागरिकों को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने वाली किसी भी व्यवस्था के विरोधी नहीं हैं। हालांकि, प्रस्तावित व्यवस्था को लेकर कई गंभीर आशंकाएं सामने आ रही हैं।

ज्ञापन में कहा गया कि यदि निबंधन व्यवस्था के महत्वपूर्ण कार्य निजी संस्थाओं के माध्यम से संचालित किए जाते हैं, तो इससे सीमित समूहों अथवा कार्टेल के प्रभाव स्थापित होने की संभावना बढ़ सकती है। साथ ही वर्तमान व्यवस्था से प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से जुड़े दस्तावेज लेखक, अधिवक्ता, स्टाम्प विक्रेता, कंप्यूटर ऑपरेटर, मुंशी एवं अन्य लाखों श्रमिकों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।

अधिवक्ताओं ने मांग की कि प्रस्तावित ई-गवर्नेंस मॉडल को लागू करने से पूर्व इसकी व्यापक समीक्षा कराई जाए तथा दस्तावेज लेखक संघ, अधिवक्ता संगठनों, स्टाम्प विक्रेताओं और अन्य हितधारकों के साथ विस्तृत संवाद स्थापित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि निबंधन व्यवस्था का आधुनिकीकरण आवश्यक है, लेकिन इसके नाम पर किसी प्रकार के अप्रत्यक्ष निजीकरण या रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।

ज्ञापन में विश्वास व्यक्त किया गया कि राज्य सरकार तकनीकी प्रगति, प्रशासनिक पारदर्शिता और रोजगार सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित करते हुए ऐसा समाधान निकालेगी जिससे जनहित और आजीविका दोनों की समान रूप से रक्षा हो सके।

ज्ञापन सौंपने के दौरान अधिवक्ता हरीशरण सक्सेना, अंश सोनी (संयोजक, महोबा डेवलपमेंट एसोसिएशन), अधिवक्ता भारत विशाल शुक्ल (पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व महामंत्री), अधिवक्ता चंद्रशेखर स्वर्णकार, अधिवक्ता अजीत सिंह परिहार, अधिवक्ता सज्जन प्रसाद द्विवेदी, अधिवक्ता बलवीर सिंह, अधिवक्ता धीरेन्द्र सिंह, अधिवक्ता ब्रजेन्द्र सिंह राठौर, सुरेन्द्र कुमार, अधिवक्ता रामशरण सक्सेना, नफीस, नीतू रावत, तेजप्रताप सिंह, सोहराब सानू सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता एवं संबंधित लोग उपस्थित रहे।

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