बाल श्रम पर रोक लगाने की मांग, बच्चों को मिले शिक्षा का अधिकार: नरेश शर्मा![]()
टेन न्यूज ii 01 जुलाई 2026 ii नरेश शर्मा ब्यूरो, पंजाब
बाल श्रम जैसी गंभीर सामाजिक समस्या के खिलाफ आवाज उठाते हुए भारतीय मानवाधिकार महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नरेश शर्मा ने बच्चों से दिहाड़ी मजदूरी करवाने पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि बच्चों से मजदूरी करवाना उनके बचपन और भविष्य दोनों का हनन है।
नरेश शर्मा ने कहा कि जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबें, कॉपियां और खेल का सामान होना चाहिए, उस उम्र में उनसे मजदूरी करवाना बेहद चिंताजनक और अमानवीय है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “बच्चों के हाथों में औजार नहीं, किताबें होनी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि बाल श्रम मुक्त भारत के निर्माण के लिए सरकार, प्रशासन, बाल संरक्षण विभाग, श्रम विभाग, विद्यालयों और समाज को मिलकर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई भी बच्चा मजबूरी में मजदूरी न करे। साथ ही गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों तक ऐसी सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए जिससे बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो और वे अपने सपनों को साकार कर सकें।
भारतीय मानवाधिकार महासंघ ने मांग की है कि बाल श्रम से जुड़े मामलों की नियमित जांच कर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही बाल श्रम में फंसे बच्चों का पुनर्वास कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।
महासंघ के पदाधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं भी किसी बच्चे से मजदूरी करवाई जा रही हो तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित प्रशासन, श्रम विभाग या बाल संरक्षण अधिकारी को दें।
उन्होंने कहा कि एक शिक्षित, सुरक्षित और बाल श्रम मुक्त भारत का निर्माण तभी संभव है जब सरकार और समाज मिलकर हर बच्चे के अधिकारों की रक्षा करें।