कन्नौज में राष्ट्रीय लोक अदालत का ऐतिहासिक निस्तारण, 52,860 वाद सुलझे; एक मामले में मिला 1.10 करोड़ का समझौता![]()
लोक अदालत में 20.35 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि पर आदेश, वादकारियों के चेहरों पर खिली मुस्कान
टेन न्यूज़ ।। 13 सितम्बर 2026 ।। प्रभाष चन्द्र ब्यूरो
कन्नौज। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कन्नौज के तत्वावधान में शनिवार को नवीन न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नरेंद्र कुमार झा सहित न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण कन्नौज की पीठासीन अधिकारी इंदु द्विवेदी, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय उमेश चंद्र पांडेय, अपर जिला जज प्रथम एवं नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत रवींद्र कुमार द्विवेदी, जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, अध्यक्ष स्थायी लोक अदालत अशोक कुमार प्रेमी तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव पौमेला श्रीवास्तवा सहित अन्य न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।
इसी क्रम में बाह्य न्यायालय छिबरामऊ, ग्राम न्यायालय तिर्वा तथा विभिन्न प्रशासनिक कार्यालयों में भी लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, बैंक एवं बीमा कंपनियों के अधिकारियों, पराविधिक स्वयंसेवकों और न्यायालय कर्मचारियों ने भाग लिया।
एक मामले में 1.10 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक समझौता
राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य आकर्षण मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में अंगद लाल बनाम एसबीआई जनरल इंश्योरेंस मामले का निस्तारण रहा। पीठासीन अधिकारी के कुशल मार्गदर्शन तथा वादी के अधिवक्ता नवनीत मिश्रा और बीमा कंपनी के अधिवक्ता विजय कुमार अवस्थी के सक्रिय सहयोग से इस मामले में 1,10,00,000 रुपये यानी एक करोड़ दस लाख रुपये की धनराशि पर समझौता कराया गया। इसे लोक अदालत की प्रमुख उपलब्धि माना गया।
52,860 वादों का हुआ निस्तारण
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव पौमेला श्रीवास्तवा के अनुसार, जनपद न्यायालय कन्नौज में निस्तारण के लिए कुल 15,061 वाद संदर्भित किए गए थे। इनमें से सुलह-समझौते के आधार पर 1,523 वादों का निस्तारण किया गया तथा 68,06,129 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित कर वसूल किया गया।
वहीं, प्रशासनिक स्तर पर कुल 1,42,659 वाद संदर्भित किए गए, जिनमें से 51,337 वादों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में सुलह-समझौते के आधार पर 13,54,59,225 रुपये की धनराशि वादों के निस्तारण हेतु आदेशित की गई।
इस प्रकार राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 52,860 वादों का निस्तारण किया गया तथा सुलह-समझौते के आधार पर कुल 20,35,20,524 रुपये की धनराशि आदेशित की गई।
मेडिकल और रक्तदान शिविर भी लगा
लोक अदालत परिसर में विभिन्न प्रशासनिक विभागों द्वारा अपनी योजनाओं की जानकारी देने के लिए स्टॉल लगाए गए। इसके अतिरिक्त मेडिकल कैंप और रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें न्यायिक अधिकारियों सहित न्यायालय कर्मचारियों ने रक्तदान कर सामाजिक सेवा का संदेश दिया। आयोजन से वादकारियों को त्वरित न्याय और आपसी सहमति से विवादों के समाधान का लाभ मिला।