न्यायिक मजिस्ट्रेट ने समझाए बच्चों के अधिकार, सुरक्षित-असुरक्षित व्यवहार और अनुचित स्पर्श की दी जानकारी![]()
टेन न्यूज ।। 26 सितम्बर 2026 ।। ब्यूरो चीफ रामजी पोरवाल
औरैया। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण औरैया की ओर से विद्यालयों में पॉक्सो एक्ट-2012 को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को भगौतीपुर स्थित शेमफोर्ड फ्यूचरिस्टिक के-12 स्कूल में प्रार्थना सभा के दौरान छात्र-छात्राओं को बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण प्रदान करने वाले कानून की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान न्यायिक मजिस्ट्रेट शालिनी त्यागी ने विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट के महत्वपूर्ण प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से कम आयु का प्रत्येक व्यक्ति कानून की दृष्टि में बच्चा है और बच्चों को यौन अपराधों एवं शोषण से बचाने के लिए कानून में विशेष प्रावधान किए गए हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को सुरक्षित और असुरक्षित व्यवहार के बीच अंतर समझाते हुए अनुचित स्पर्श की पहचान करने के बारे में जानकारी दी। बच्चों को बताया गया कि यदि उनके साथ किसी प्रकार का गलत व्यवहार होता है या वे स्वयं को किसी खतरे में महसूस करते हैं तो उन्हें डरकर चुप नहीं रहना चाहिए, बल्कि तत्काल अपने अभिभावक, शिक्षक, पुलिस अथवा विधिक सेवा संस्थाओं से सहायता लेनी चाहिए।
इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रोमा गुप्ता ने विद्यालय का भ्रमण किया। उन्होंने कक्षाओं में ऑडियो-वीडियो माध्यम से जागरूकता बढ़ाने तथा बच्चों को पेंटिंग और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से पॉक्सो एक्ट के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य सौरभ कश्यप, उपप्रधानाचार्य आदित्य चौधरी, विद्यालय स्टाफ, दिलीप कुमार, ऋषभ पोरवाल, पीएलवी लालता प्रसाद, रविदत्त सहित अन्य लोग मौजूद रहे।