खटीमा में अवैध शराब पर कार्रवाई की चुनौती, स्टाफ की कमी से जूझ रहा आबकारी विभाग

शराब तस्करी पर अंकुश लगाने की मांग के बीच विभागीय संसाधनों पर उठे सवाल, स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी
टेन न्यूज !! २९ अक्टूबर २०२६ !! अंश कुमार गुप्ता, ब्यूरो खटीमा, ऊधम सिंह नगर।
खटीमा। सीमांत क्षेत्र खटीमा में अवैध शराब की बिक्री और तस्करी को लेकर आबकारी विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों में इसको लेकर नाराजगी है। कुछ लोग विभागीय मिलीभगत का आरोप लगाते हैं, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, विभाग की कार्यक्षमता पर चर्चा के बीच कर्मचारियों की कमी का मुद्दा भी सामने आया है।
सीमित स्टाफ पर बड़ी जिम्मेदारी
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, खटीमा आबकारी विभाग कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। सीमित महिला और पुरुष कर्मचारियों के सहारे विभाग को क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री और तस्करी पर निगरानी रखने सहित विभिन्न जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं।
अवैध शराब के संभावित ठिकानों पर निगरानी, शिकायतों पर कार्रवाई और नियमित जांच जैसे कार्यों के लिए पर्याप्त मानव संसाधन जरूरी हैं। ऐसे में कर्मचारियों की कमी विभाग की कार्रवाई को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, विभाग में स्वीकृत और रिक्त पदों की वास्तविक संख्या तथा स्टाफ की कमी से कार्रवाई पर पड़ने वाले प्रभाव की आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
जनता की अपेक्षाएं और जवाबदेही का सवाल
स्थानीय लोगों की अपेक्षा है कि अवैध शराब की बिक्री और तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए। साथ ही, यदि कहीं विभागीय लापरवाही या मिलीभगत के आरोप हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
अवैध कारोबार पर नियंत्रण के लिए पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती, नियमित निगरानी और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई महत्वपूर्ण है। स्टाफ की कमी को दूर करने के साथ विभागीय जवाबदेही सुनिश्चित करना भी जरूरी है।