द्वारिकेश चीनी मिल की ओर से ग्राम उचसिया स्थित ग्लोरियस कॉलेज में शरदकालीन गन्ना बुवाई को लेकर किसान गोष्ठी आयोजित![]()
शरदकालीन गन्ना बुवाई से 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ सकती है पैदावार
450 किसानों की गोष्ठी में उन्नत खेती की तकनीक बताई, मिट्टी की जांच कराने पर दिया जोर
टेन न्यूज़ ।। 17 अक्टूबर 2026 ।। संवाददाता: मुनीश चंद्र शर्मा
फतेहगंज पूर्वी, बरेली। द्वारिकेश चीनी मिल की ओर से ग्राम उचसिया स्थित ग्लोरियस कॉलेज में शरदकालीन गन्ना बुवाई को लेकर किसान गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें करीब 450 किसानों ने प्रतिभाग किया। गोष्ठी में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को गन्ने की पैदावार बढ़ाने के लिए आधुनिक बुवाई तकनीक, उन्नत प्रजातियों, संतुलित उर्वरकों के प्रयोग और मिट्टी की जांच के महत्व की जानकारी दी।![]()
वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. संजीव पाठक ने किसानों को ट्रेंच विधि और सिंगल बड तकनीक से गन्ने की बुवाई करने की सलाह दी। उन्होंने गन्ने के साथ गेहूं की सहफसली खेती अपनाने, फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करने और हरी खाद का इस्तेमाल करने पर जोर दिया। साथ ही खेत में उचित दूरी पर बुवाई करने की सलाह दी, जिससे फसल का विकास बेहतर हो सके।
उन्नत तकनीक अपनाने से बढ़ेगा उत्पादन
चीनी मिल के वरिष्ठ अधिशासी उपाध्यक्ष अनिल कुमार त्यागी ने कहा कि शरदकालीन गन्ने की बुवाई का क्षेत्र बढ़ाने और वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने से किसानों को बेहतर उत्पादन मिल सकता है। उन्होंने किसानों से चीनी मिल की मिट्टी जांच प्रयोगशाला में खेत की मिट्टी की निशुल्क जांच कराने की अपील की। इससे मिट्टी में उपलब्ध पोषक तत्वों की जानकारी मिलेगी और फसल की आवश्यकता के अनुसार खाद एवं उर्वरकों का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
उन्नत गन्ना प्रजातियों की दी जानकारी
गन्ना विकास निरीक्षक ने किसानों को को. 13235, को. 18231, को. 19231, को. 23232, कोलख 16202 और को. 20016 सहित उन्नत गन्ना प्रजातियों की जानकारी दी। किसानों को बुवाई से पहले बीज एवं मृदा उपचार कराने तथा कीटों से फसल की सुरक्षा के लिए उचित प्रबंधन अपनाने की सलाह दी गई।
गोष्ठी में फरीदपुर गन्ना समिति के अध्यक्ष बृजकिशोर शर्मा और चीनी मिल के उपेंद्र कुमार उपाध्याय ने भी किसानों को गन्ने की बुवाई का रकबा बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में किसानों के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाया गया, जिसमें ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की निशुल्क जांच की गई। इसके अलावा कृषि यंत्रों, कीटनाशकों और गन्ने की उन्नत प्रजातियों की प्रदर्शनी लगाकर किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान किसानों को अनुदानित कृषि यंत्रों की जानकारी भी दी गई। गोष्ठी का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूक करना और गन्ने की पैदावार बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।