फर्जी बेनिफिशियरी आईडी से करोड़ों का खेल: पीलीभीत में 7 और आरोपी गिरफ्तार, 5.50 करोड़ की रकम फ्रीज
टेन न्यूज़ ii 02 मई 2026 ii लोकेशन: पीलीभीत | रिपोर्ट: रामचंद्र सक्सेना
पीलीभीत। शासकीय धनराशि के गबन के बड़े मामले में कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 महिला अभियुक्ताओं को गिरफ्तार किया है। यह पूरा मामला फर्जी एवं कूटरचित बेनिफिशियरी आईडी बनाकर सरकारी धन को हड़पने से जुड़ा है, जिसमें अब तक करोड़ों रुपये के लेनदेन का खुलासा हुआ है।
ऐसे हुआ करोड़ों का गबन
मामले की शुरुआत 13 फरवरी 2026 को हुई, जब जिला विद्यालय निरीक्षक राजीव कुमार ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज बीसलपुर में कार्यरत इल्हाम उर्र रहमान शम्सी, जो डीआईओएस कार्यालय से संबद्ध था, वेतन बिल और टोकन जनरेशन जैसे महत्वपूर्ण कार्य देख रहा था।
आरोप है कि उसने 12 सितंबर 2024 से 98 ट्रांजेक्शन के जरिए करीब ₹1.01 करोड़ की धनराशि फर्जी तरीके से अपनी पत्नी के खाते में ट्रांसफर कर गबन किया।
5.50 करोड़ से ज्यादा रकम फ्रीज
पुलिस जांच में अब तक 53 संदिग्ध खातों में करीब ₹5.50 करोड़ से अधिक के लेनदेन का पता चला है, जिसे फ्रीज करा दिया गया है। मामले में पहले ही मुख्य आरोपी की पत्नी अर्शी खातून को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
7 और महिला आरोपी गिरफ्तार
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में 1 मई 2026 को कोतवाली पुलिस ने वांछित 7 महिला अभियुक्ताओं—लुबना, फातिमा, परवीन खातून, आशकारा परवीन, अजारा खान, नाहिद और आफिया खान—को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया।
गंभीर धाराओं में दर्ज मुकदमा
मामले में थाना कोतवाली नगर पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और अन्य संभावित संलिप्त लोगों की तलाश जारी है।
यह मामला सरकारी सिस्टम में सेंध लगाकर बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितता का गंभीर उदाहरण बनकर सामने आया है।
(पीलीभीत से संवाददाता रामचंद्र सक्सेना की रिपोर्ट)
