खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को किया जागरूक

मिट्टी की सेहत सुधारने, संतुलित उर्वरक प्रयोग और फसल अवशेष प्रबंधन पर दिया जोर
लोकेशन: कन्नौज, उत्तर प्रदेश। टेन न्यूज़ कन्नौज से प्रभाष चंद्र की खास रिपोर्ट।
कन्नौज। कृषि विभाग की ओर से संचालित ‘खेत बचाओ अभियान’ रबी-2026 के अंतर्गत विकासखंड कन्नौज के ग्राम सहिल्लापुर और विकासखंड जलालाबाद के ग्राम बैसावारी में कृषक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें किसानों को मृदा संरक्षण, भूमि की उर्वरता बनाए रखने और आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि तकनीकों को अपनाने के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में उप कृषि निदेशक संतोष कुमार ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि पारंपरिक कृषि अनुभव के साथ आधुनिक तकनीकों का समन्वय समय की आवश्यकता है। किसानों को अपनी भूमि की मिट्टी का परीक्षण कराना चाहिए और मृदा परीक्षण की संस्तुति के आधार पर ही उर्वरकों का प्रयोग करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित और अनावश्यक इस्तेमाल से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित हो सकती है। इसलिए रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग के साथ जैविक खाद, हरी खाद और प्राकृतिक खेती को भी प्राथमिकता देनी चाहिए।
उप कृषि निदेशक ने कहा कि मिट्टी किसानों की आजीविका और कृषि के भविष्य का आधार है। भूमि की गुणवत्ता में सुधार, उत्पादन लागत कम करने तथा फसलों की उत्पादकता और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां अपनाना जरूरी है।
उन्होंने किसानों से अपील की कि खेतों में फसल अवशेष न जलाएं, बल्कि उनका उचित प्रबंधन करें। इससे मिट्टी की सेहत बनाए रखने में मदद मिल सकती है। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हुए टिकाऊ कृषि पद्धतियां अपनाने पर जोर दिया, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उपजाऊ भूमि सुरक्षित रखी जा सके।
कन्नौज से प्रभाष चंद्र की खास रिपोर्ट।