कालिंजर में रात आठ बजे के बाद बालू लदे ट्रैक्टरों की आवाजाही पर सवाल

अवैध परिवहन और प्रति ट्रैक्टर तीन हजार रुपये की कथित वसूली के आरोप, खनन विभाग और टास्क फोर्स की निगरानी पर उठे सवाल
टेन न्यूज़ !! ०४ नवम्बर २०२६ !! माया तिवारी, ब्यूरो चीफ, बांदा
बांदा। कालिंजर थाना क्षेत्र में बालू के कथित अवैध परिवहन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि क्षेत्र में रात आठ बजे के बाद बालू लदे ट्रैक्टरों की आवाजाही शुरू हो जाती है, जो देर रात तक जारी रहती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि यह परिवहन नियमों के विरुद्ध हो रहा है, तो जिम्मेदार विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।
स्थानीय स्तर पर सामने आ रहे आरोपों में प्रति ट्रैक्टर करीब तीन हजार रुपये की कथित वसूली की बात भी कही जा रही है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही इसके समर्थन में कोई प्रमाणित साक्ष्य सार्वजनिक रूप से सामने आया है। ऐसे में कथित वसूली और अवैध परिवहन की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
मामले में जिलाधिकारी अमित आसेरी की ओर से खनन और राजस्व चोरी रोकने के लिए गठित टास्क फोर्स की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। यदि निर्धारित नियमों का उल्लंघन हो रहा है, तो इसकी जांच कर जिम्मेदारी तय करना आवश्यक है।
प्रशासन से मांग की जा रही है कि रात आठ बजे के बाद क्षेत्र में संचालित बालू लदे ट्रैक्टरों की जांच कराई जाए। वाहनों के परिवहन दस्तावेज, खनन अनुमति, रॉयल्टी और संबंधित अभिलेखों का सत्यापन किया जाए। कथित वसूली के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच हो, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
फिलहाल, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और संबंधित विभागों की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि क्षेत्र में नियमों का उल्लंघन हो रहा है या नहीं और यदि अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है