जीएसटी धोखाधड़ी के मामले में घिरे युवक ने फांसी लगाकर दी जान
सुसाइड नोट में अलीगढ़ पुलिस अधिकारियों पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा
टेन न्यूज़ !! ०४ नवम्बर २०२६ !! ब्यूरो चीफ रामजी पोरवाल
औरैया। अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जैनपुर निवासी 22 वर्षीय युवक ने शेखूपुर हार में पेड़ से फांसी लगाकर जान दे दी। मृतक ने अपने पीछे एक सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उसके नाम पर कथित रूप से फर्जी फर्म का पंजीकरण कराकर करीब नौ करोड़ रुपये का लेनदेन किए जाने और इस मामले में अलीगढ़ पुलिस के अधिकारियों पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जैनपुर निवासी गजेंद्र सिंह पुत्र शिवप्रसाद सिंह ने बीएससी की पढ़ाई पूरी की थी और हाल ही में आईटीआई की तैयारी कर रहा था। बताया गया कि जीएसटी से जुड़े मामले को लेकर वह परेशान था। इसी बीच उसने गांव के सामने स्थित खेतों में एक पेड़ पर रस्सी से फंदा लगा लिया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर डायल 112 की पुलिस मौके पर पहुंची।
बताया गया कि घटना से पहले गजेंद्र ने अपने बड़े भाई दीपेंद्र और छोटे भाई अनुज को घटनास्थल की लोकेशन भेजी थी। जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और उसे फंदे से नीचे उतारकर बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
सुसाइड नोट के अनुसार, अलीगढ़ में किसी अज्ञात व्यक्ति ने गजेंद्र के नाम पर फर्जी फर्म का पंजीकरण कराया था। इसके माध्यम से करीब नौ करोड़ रुपये का लेनदेन किए जाने की बात कही गई है, जिस पर लगभग दो करोड़ रुपये का टैक्स बनता था। युवक ने नोट में दावा किया कि उसे फर्म और लेनदेन के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
नोट में उल्लेख है कि 22 अक्टूबर को अलीगढ़ पुलिस उसके घर पहुंची थी और मामले की जानकारी दी थी। इसके बाद उसने पुलिस को संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध कराए, लेकिन इसके बावजूद उसे मानसिक रूप से परेशान किए जाने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अजीतमल कोतवाली प्रभारी विजय बहादुर वर्मा ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों की जांच की जाएगी और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।