शाहजहांपुर में हर निकाय का बनेगा मॉडल वार्ड, घर-घर होगा कूड़ा पृथक्करण: डीएम![]()
टेन न्यूज़ ii 30 जून 2026 ii डेस्क न्यूज, शाहजहांपुर
शाहजहांपुर जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाने की दिशा में मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) एवं सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमावली-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों के अध्यक्षों, सभासदों, अधिशासी अधिकारियों तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा हुई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी नगर निकाय स्वच्छ भारत मिशन-2026 के प्रावधानों के अनुरूप डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण की कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि सभासद और जनप्रतिनिधि घर-घर जाकर लोगों को सूखा, गीला, सैनिटरी तथा घरेलू हानिकारक कचरे को अलग अलग रखने और उसी रूप में कूड़ा संग्रहण वाहनों को देने के लिए जागरूक करें। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए समान नियम लागू किए गए हैं।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि डोर-टू-डोर एकत्रित कचरे को एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर तक पहुंचाकर वहां वैज्ञानिक तरीके से उसकी छंटाई की जाए। गीले कचरे से खाद तैयार की जाए तथा सूखे कचरे को अधिकृत विक्रेताओं को बेचकर नगर निकायों की आय बढ़ाई जाए। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर पड़े कचरे का भी समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने होटल, रेस्टोरेंट, बारात घर, औद्योगिक इकाइयों तथा अन्य बड़े संस्थानों जैसे बल्क वेस्ट जनरेटरों को अपने स्तर पर कचरा निस्तारण की व्यवस्था करने और इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण कराने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने प्रत्येक नगर निकाय में एक-एक वार्ड का चयन कर उसे मॉडल वार्ड के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि संबंधित वार्ड में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण, परिवहन और निस्तारण की पूरी व्यवस्था आदर्श रूप में लागू की जाए। इसके साथ ही प्रत्येक सड़क पर तैनात सफाई कर्मचारी का नाम और मोबाइल नंबर वॉल पेंटिंग के माध्यम से प्रदर्शित किया जाए तथा शिकायत दर्ज कराने के लिए भी हेल्पलाइन नंबर अंकित किया जाए।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि वार्डों में क्यूआर कोड लगाए जाएं, जिनके माध्यम से नागरिक कूड़ा संग्रहण, टैक्स भुगतान और अन्य शिकायतों से संबंधित सेवाओं का लाभ उठा सकें। एमआरएफ सेंटरों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं तथा कूड़ा संग्रहण वाहनों में जीपीएस सिस्टम स्थापित कर उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रजनीश कुमार मिश्र सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, नगर निकायों के अध्यक्ष, सभासद, अधिशासी अधिकारी तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी उपस्थित रहे।