उर्स के दूसरे दिन खानकाह ए हुसैनिया में गूंजे सूफियाना कलाम, अकीदतमंदों की उमड़ी भीड़
टेन न्यूज़ ii 29 मार्च 2026 ii पप्पू अंसारी, मीरानपुर कटरा (शाहजहांपुर)।
खानकाह ए हुसैनिया कलीमियां में चल रहे वार्षिक उर्स के दूसरे दिन रविवार को अकीदत और रूहानियत का खासा माहौल देखने को मिला। दिन की शुरुआत नमाज-ए-फज्र के बाद कुरआन ख्वानी से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में जायरीनों ने शिरकत कर अमन-चैन की दुआएं मांगीं।
इसके बाद सुबह 10 बजे जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी का आयोजन किया गया, जहां नात-ओ-सलाम पेश कर हजरत मोहम्मद (स.अ.व.) की शान में खिराज-ए-अकीदत पेश किया गया। नमाज-ए-जुहर के बाद खानकाह के सज्जादानशीन हजरत सैय्यद मसऊद अहमद कलीमी चिश्ती कादरी ने खानकाह की ऐतिहासिक धरोहरों (तबर्रुकात) के दर्शन कराए, जिन्हें देखने के लिए जायरीनों में खासा उत्साह देखने को मिला।
रात्रि में नमाज-ए-इशा के बाद मशहूर महफिल-ए-समां (कव्वाली) का आयोजन हुआ, जिसकी शुरुआत हम्द-ओ-सना से हुई। सज्जादानशीन की मौजूदगी में कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश कर महफिल को रूहानी रंग में रंग दिया। खासतौर पर हजरत अमीर खुसरो के कलाम ने जायरीनों को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिस पर लोगों ने नजराना-ए-अकीदत भी पेश किया।
इस अवसर पर सज्जादानशीन हजरत सैय्यद मसऊद अहमद कलीमी चिश्ती कादरी ने कहा कि उर्स हमें सूफी संतों की शिक्षाओं—मोहब्बत, अमन और भाईचारे—का संदेश देता है। उन्होंने सभी से इन शिक्षाओं को अपनाकर समाज में सौहार्द और इंसानियत को मजबूत करने की अपील की।
उर्स के दूसरे दिन देश के विभिन्न प्रांतों से आए जायरीनों ने बड़े अदब-ओ-एहतराम के साथ पीराने उज्जाम के मजारात पर गुलपोशी कर हाजिरी दी। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं के लिए खानकाह और कस्बे में ठहरने व भोजन की समुचित व्यवस्था की गई है।
सालाना उर्स के मौके पर खानकाह ए हुसैनिया को भव्य तरीके से सजाया गया है, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस दौरान सैय्यद डॉ. असद अहमद कलीमी चिश्ती, सैय्यद मुसद्द अहमद कलीमी चिश्ती, मोहम्मद याकूब अंसारी, मिर्जा इलियास बेग सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।






