तिलहर : स्वच्छ भारत मिशन में भ्रष्टाचार! लाखों के डस्टबिन चन्द महीने में टूटकर गायब
टेन न्यूज़ !! २७ अगस्त २०२५ !! अमुक सक्सेना, तिलहर/शाहजहांपुर
तिलहर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर तिलहर नगर पालिका में लाखों रुपए का भ्रष्टाचार उजागर हुआ है। नगर में साफ-सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए डस्टबिन लगाए गए थे, लेकिन कुछ ही महीनों में अधिकांश डस्टबिन टूटकर या गायब हो गए। जनता ने पालिका अधिकारियों व ठेकेदार पर कमीशनखोरी और मिलीभगत का आरोप लगाया है।
लोगों का कहना है कि नगर पालिका ने बीते महीनों में लाखों रुपए का ठेका देकर नगर में डस्टबिन लगाए थे। लेकिन मानक के अनुरूप क्वालिटी न होने के कारण डस्टबिन कुछ ही दिनों में बेकार हो गए। डस्टबिन टूटने और गायब होने के कारण अब नगरवासी सड़कों पर कूड़ा फेंकने को मजबूर हैं, जिससे पूरे नगर में गंदगी फैल रही है और स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ रहे हैं।
स्थानीय निवासियों ने खुलासा किया कि यह पहली बार नहीं है जब पालिका ने ऐसी लापरवाही की है। इससे पहले भी स्टील के डस्टबिन नगर में लगाए गए थे, जो कुछ ही दिनों में गायब हो गए। लोगों का आरोप है कि हर बार ठेकेदार और नगर पालिका की मिलीभगत से घटिया क्वालिटी का सामान लगाया जाता है और भ्रष्टाचार कर जनता के पैसों की बर्बादी की जाती है।
नगर की जनता ने चेतावनी दी है कि यदि दोबारा मानक के अनुरूप डस्टबिन नहीं लगाए गए और जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वह आंदोलन करने को बाध्य होगी। जनता का कहना है कि यह मामला केवल लापरवाही नहीं, बल्कि खुलेआम भ्रष्टाचार का है, जिसमें उच्च स्तर पर जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।







