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मेरठ में शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर जताई आपत्ति, पीएम को भेजा ज्ञापन

By Ten News One Desk

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मेरठ में शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर जताई आपत्ति, पीएम को भेजा ज्ञापन



टेन न्यूज़ !! १२ सितम्बर २०२५ !! अश्वनी कुमार ब्यूरो,  मेरठ।


उत्तर प्रदेश जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ, जनपद मेरठ ने प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर बुधवार (11 सितंबर 2025) को जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री व मानव संसाधन विकास मंत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 1 सितंबर को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) संबंधी दिए गए निर्णय में संशोधन हेतु अध्यादेश लाया जाए।

शिक्षक संघ ने बताया कि इस निर्णय से केवल उत्तर प्रदेश के करीब चार लाख और देशभर के लगभग 40 लाख शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। संगठन का कहना है कि एनसीटीई की अधिसूचना (20 अगस्त 2010) और शिक्षा अधिकार अधिनियम (2011) लागू होने के बावजूद आज तक समुचित समाधान नहीं हुआ है, जिसके कारण बड़ी संख्या में शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए आवेदन तक नहीं कर पा रहे।

संगठन ने अपनी प्रमुख आपत्तियाँ इस प्रकार रखीं—

  1. वर्ष 2001 से पूर्व नियुक्त इंटर व बीटीसी योग्यता धारी शिक्षक आवेदन से वंचित हैं।

  2. आयु सीमा 40 वर्ष तय होने से अधिसूचना लागू होने से पूर्व नियुक्त अधिकांश शिक्षक आवेदन नहीं कर सकते।

  3. बीपीएड योग्यता धारी व मृतक आश्रित से नियुक्त शिक्षक भी बाहर हो जाएंगे।

  4. वर्ष 2018 से पहले नियुक्त बी.एड. धारी शिक्षक आवेदन से वंचित होंगे।

संघ का कहना है कि यदि संशोधन नहीं किया गया तो लाखों शिक्षकों की नौकरी पर संकट आ जाएगा और उनके परिवार भूखमरी के कगार पर पहुँच जाएंगे।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष जयवीर सिंह, जिला महामंत्री विकास शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष अनिल कुमार, जिला उपाध्यक्ष विनोद कुमार शर्मा, नरेंद्र शर्मा, मनोज कुमार, संजय त्यागी समेत सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएँ मौजूद रहीं।

मेरठ में शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर जताई आपत्ति, पीएम को भेजा ज्ञापन

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टेन न्यूज़ !! १२ सितम्बर २०२५ !! अश्वनी कुमार ब्यूरो,  मेरठ।


उत्तर प्रदेश जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ, जनपद मेरठ ने प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर बुधवार (11 सितंबर 2025) को जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री व मानव संसाधन विकास मंत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 1 सितंबर को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) संबंधी दिए गए निर्णय में संशोधन हेतु अध्यादेश लाया जाए।

शिक्षक संघ ने बताया कि इस निर्णय से केवल उत्तर प्रदेश के करीब चार लाख और देशभर के लगभग 40 लाख शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। संगठन का कहना है कि एनसीटीई की अधिसूचना (20 अगस्त 2010) और शिक्षा अधिकार अधिनियम (2011) लागू होने के बावजूद आज तक समुचित समाधान नहीं हुआ है, जिसके कारण बड़ी संख्या में शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए आवेदन तक नहीं कर पा रहे।

संगठन ने अपनी प्रमुख आपत्तियाँ इस प्रकार रखीं—

  1. वर्ष 2001 से पूर्व नियुक्त इंटर व बीटीसी योग्यता धारी शिक्षक आवेदन से वंचित हैं।

  2. आयु सीमा 40 वर्ष तय होने से अधिसूचना लागू होने से पूर्व नियुक्त अधिकांश शिक्षक आवेदन नहीं कर सकते।

  3. बीपीएड योग्यता धारी व मृतक आश्रित से नियुक्त शिक्षक भी बाहर हो जाएंगे।

  4. वर्ष 2018 से पहले नियुक्त बी.एड. धारी शिक्षक आवेदन से वंचित होंगे।

संघ का कहना है कि यदि संशोधन नहीं किया गया तो लाखों शिक्षकों की नौकरी पर संकट आ जाएगा और उनके परिवार भूखमरी के कगार पर पहुँच जाएंगे।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष जयवीर सिंह, जिला महामंत्री विकास शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष अनिल कुमार, जिला उपाध्यक्ष विनोद कुमार शर्मा, नरेंद्र शर्मा, मनोज कुमार, संजय त्यागी समेत सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएँ मौजूद रहीं।

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